अचानक बर्फबारी से अटल टनल में 1000 वाहन फंसे, मनाली पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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मनाली और उसके आसपास के पहाड़ों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. जिस अटल टनल को देखने के लिए सैलानी बड़ी उम्मीद लेकर पहुंच रहे थे, वहां अचानक हुई तेज बर्फबारी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं. आलम यह है कि बर्फ की वजह से साउथ पोर्टल के पास करीब एक हजार गाड़ियां फंस गईं, जिन्हें निकालने के लिए मनाली पुलिस और बीआरओ की टीम को पूरी ताकत झोंकनी पड़ी.

दरअसल, पर्यटन नगरी मनाली में आज दोपहर तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक मौसम का मिजाज बदला और ऊंचाई वाले इलाकों में जोरदार बर्फबारी शुरू हो गई. बड़ी संख्या में पर्यटक दिन के समय लाहौल घाटी और अटल टनल की सैर पर निकले थे, पर उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि मौसम इतनी जल्दी दगा दे जाएगा. शाम होते-होते अटल टनल और आसपास के क्षेत्रों में बर्फबारी इतनी तेज हो गई कि सड़कों पर अचानक फिसलन बढ़ गई, जिसकी वजह से देखते ही देखते 1000 से ज्यादा वाहन बर्फ के बीच फंस गए.

जैसे ही पुलिस को इस स्थिति की जानकारी मिली, प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया. पिछले कई घंटों से मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जहां पुलिस और बीआरओ के जवान कड़ाके की ठंड में डटे हुए हैं. वे एक-एक करके फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित तरीके से मनाली की तरफ रवाना करने में जुटे हैं.

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बचाव कार्य और प्रशासन की सख्ती

मनाली के डीएसपी डी शर्मा ने बताया कि अचानक हुई इस भारी बर्फबारी की वजह से साउथ पोर्टल के पास गाड़ियों का लंबा जाम लग गया है. अब सड़कों से बर्फ हटाने के लिए बीआरओ की मशीनों का सहारा लिया जा रहा है. फिसलन कम करने के लिए प्रशासन ने सड़क पर मिट्टी और यूरिया खाद छिड़कने की भी योजना बनाई है, ताकि वाहनों के टायरों को ग्रिप मिल सके और आवाजाही सुरक्षित हो सके.

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने अब कुछ कड़े कदम भी उठाए हैं. सोलंगनाला से आगे अब टू-व्हीलर और आम गाड़ियों के जाने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. केवल फोर व्हील ड्राइव गाड़ियों को ही सावधानी के साथ आगे बढ़ने की इजाजत दी जा रही है. इसके साथ ही पुलिस ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में बेवजह ऊंचाई वाले इलाकों का रुख न करें.

करीब तीन दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद हुई इस बर्फबारी से पूरे हिमाचल में ठंड काफी बढ़ गई है. अटल टनल के अलावा सिस्सू, कोकसर, रोहतांग दर्रा और बारालाचा जैसे ऊंचे इलाकों में सुबह से ही बर्फ के फाहे गिर रहे हैं. वहीं उत्तराखंड में भी हालात अलग नहीं हैं, केदारनाथ धाम और प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चोपता में भी बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जिससे पहाड़ी और निचले इलाकों में तापमान काफी गिर गया है.

आने वाले दिनों के लिए रेड अलर्ट

मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं. विभाग ने 15 और 16 मार्च को हिमाचल के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है. वहीं 17 मार्च को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है.

इतना ही नहीं, देश के अन्य राज्यों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है. पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जैसे जिलों के लिए ‘रेड वार्निंग’ जारी की गई है, जहां 40 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की आशंका है. इसके साथ ही असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और सिक्किम जैसे राज्यों के लिए भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर लोगों को सावधान रहने को कहा गया है.
 

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