आज भी प्रासंगिक हैं भगत सिंह के विचार: पछास

Date:

आज भी प्रासंगिक हैं भगत सिंह के विचार: पछास

share

शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी वक्ताओं ने अमेरिकी साम्राज्यवाद को बताया दुनिया

आज भी प्रासंगिक हैं भगत सिंह के विचार: पछास

हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) के आह्वान पर शहर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। साम्राज्यवादी युद्ध और भगत सिंह विषय पर केंद्रित इस गोष्ठी में वक्ताओं ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और क्रांतिकारी विचारों की प्रासंगिकता पर बेबाकी से अपनी बात रखी। पछास के महेश ने शहीदों के बलिदान को याद किया। मुख्य वक्ता चंदन ने कहा कि भगत सिंह के संगठन ने साम्राज्यवाद को ‘बड़ी डकैती’ करार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी अमेरिकी साम्राज्यवाद दुनिया की मेहनतकश जनता का नंबर एक दुश्मन बना हुआ है।

ईरान पर थोपे गए युद्ध और दुनिया के अन्य कोनों में चल रहे संघर्षों के पीछे साम्राज्यवादी ताकतों का ही हाथ है। रूपाली, सुंदर लाल, जीआर टम्टा आदि मौजूद रहे।फोटो-परिवर्तनकामी छात्र संगठन ने गोष्ठी आयोजित की।सरकारी स्कूलों पर लटकते ताले घोर नीतिगत लापरवाहीहल्द्वानी। परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) के महासचिव महेश ने बताया कि सरकारी स्कूलों का बंद होना, घोर नीतिगत लापरवाही का उदाहरण है। सरकार पलायन का बहाना बनाकर स्कूल बंदी से अपना पल्ला झाड़ रही है। और पलायन के लिए खुद सरकार ही जिम्मेदार है। पहाड़ी गांवों से युवा रोजगार, स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा की तलाश में मैदानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं क्योंकि सरकारों ने इन क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार, बुनियादी ढांचा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकामी दिखाई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related