जंग की तपिश :हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। गैस आपूर्ति में आई कमी का असर अब रेलवे यात्रियों पर भी दिखने लगा है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन परिसर में संचालित आईआरसीटीसी के अनुबंधित तीन कैंटीन और रेस्टोरेंट में एलपीजी सिलेंडर खत्म होने से चाय-कॉफी, रोटी-पराठे और कई लोकप्रिय खाद्य पदार्थ बनना बंद हो गए हैं। इससे रोजाना स्टेशन से गुजरने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।काठगोदाम रेलवे स्टेशन के भीतर आईआरसीटीसी के अनुबंधित भोजनालय के संचालक धीरज सिंह ने बताया कि रोजाना 200-300 यात्रियों का भोजन, चाय, कॉफी आदि बनता है, अंतिम एक सिलेंडर बचा है, जो किसी भी वक्त खत्म हो सकते हैं।
मंगलवार से यात्रियों के सामान्य भोजन देने का भी संकट खड़ा हो जाएगा। सिंह के अनुसार स्टेशन परिवर में भट्टी या लकड़ी से खाना बनाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि डीजल वाले चूल्हे का आर्डर दिया है, जिससे यात्रियों की डिमांड पूरी करना संभव नहीं होगा।केडी किचन रेस्टोरेंट के संचालक जोगेश्वर सिंह के अनुसार पिछले एक हफ्ते से गैस के बिना भट्टी पर सीमित भोजन बनाया जा रहा है। दाल, चावल, सब्जी और तंदूरी रोटी ही उपलब्ध है, जबकि मैगी, नूडल्स, मोमो और समोसे पूरी तरह बंद हैं। बावर्ची रेस्टोरेंट के संजीव जायसवाल ने बताया कि उनके चार सिलेंडर दस दिन पहले खत्म हो चुके हैं। इमरजेंसी में दो तंदूर से काम मुश्किल से चल रहा है। वेज थाली ही यात्रियों को देना मुश्किल हो रहा है। जल्द वाणिज्यक सिलेंडर की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो रेस्टारेंट बंद करने की नौबत हो सकती है। बता दें कि काठगोदाम स्टेशन में रोजाना करीब आठ से दस हजार यात्री आते और जाते हैं।

