
हल्द्वानी और देहरादून में दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। कुमाऊं में 783 हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनमें से 600 जमानत पर बाहर हैं। पुलिस ने अपराधियों की निगरानी और सत्यापन के लिए कदम उठाए हैं। 91 इनामी अपराधियों की भी तलाश की जा रही है, जिन पर 5,000 से 50,000 रुपये का इनाम है।

हल्द्वानी। राजधानी देहरादून में लगातार दो और हल्द्वानी में एक दोहरे हत्याकांड से प्रदेश इस वक्त चर्चाओं में है। दून में गैंगस्टर की हत्या हुई जबकि हल्द्वानी में डबल मर्डर का मुख्य आरोपी एक गैंगस्टर ही था। जिसके बाद पुलिस कानून व्यवस्था बनाने में जुट गई है। विभिन्न अपराधों में शामिल हुए छह सौ से अधिक कुमाऊं के हिस्ट्रीशीटरों पर गहन नजर है, जो जमानत पर बाहर घूम रहे हैं। आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत मांगी गई सूचना के मुताबिक कुमाऊं में 783 हिस्ट्रीशीटर दर्ज हैं। जिनमें से वर्तमान में 75 जेल में हैं जबकि 84 लापता चल रहे हैं।
कुछ की मौत हो चुकी है। छह सौ हिस्ट्रीशीटर जमानत पर जेल से बाहर हैं। इन पर हत्या, लूट, चोरी, डकैती, मारपीट, बलवा, धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। अब पुलिस लगातार बढ़ रही घटनाओं के बाद से सजग हो गई और हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन में जुट गई है। बाहर जमानत पर छूटे हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों को तलाशकर निगरानी की जा रही है। वर्तमान में कौन कहां और क्या काम कर रहे हैं, यह भी पता कराया जा रहा है। 5 हजार से 50 हजार तक के 91 इनामी अपराधी फरार आरटीआई के मुताबिक इनामी अपराधियों की भी लंबी चौड़ी फेहरिस्त पुलिस के पास है। कुल 91 इनामी अपराधी हैं जो कि लंबे समय से फरार चल रहे हैं। इन पर पांच हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक का इनाम रखा है। इनकी भी तफ्तीश की जा रही है। पांच से अधिक मुकदमों में खोली जाती है हिस्ट्रीशीट अगर किसी आरोपी पर पांच या इससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हो जाते हैं तो उनकी पुलिस हिस्ट्रीशीट खोल देती है। जिसके बाद इनकी लगातार निगरानी, परेड और गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। ताकि किसी अन्य मामलों या अपराधों में ये सक्रिय न रहें। सभी जिलों को अपराधों को रोकने के लिए नियमित गश्त, हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन करने को कहा है। गैंगस्टरों पर भी नजर रखकर इनकी गतिविधियां नोट करने को कहा गया है। रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं।
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