– बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बदहाल सेवाओं पर उठे सवाल – पलायन, आपदा प्रबंधन और
नेता प्रतिपक्ष बोले :हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता।उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सोमवार को प्रेस को जाीर बयान में कहा कि सरकार अपनी उपलब्धियों के बजाय वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखे और हर मुद्दे पर जवाबदेही तय करे।नेता प्रतिपक्ष आर्य का आरोप है कि प्रदेश में महंगाई चरम पर है और आम जनता की क्रय शक्ति लगातार घट रही है। बेरोजगारी के कारण युवा पलायन को मजबूर हैं, जबकि स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल बनी हुई हैं।
शिक्षा व्यवस्था में गिरती गुणवत्ता और संसाधनों की कमी भी चिंता का विषय है।उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार हो रहा पलायन सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करता है। कानून व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा है और कहा कि अपराध नियंत्रण के दावों के बावजूद जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।इसके अलावा, भ्रष्टाचार, भूमिधारी अधिकार, आपदा प्रबंधन और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर सरकार की भूमिका को असंतोषजनक बताया गया है। आर्य ने कहा कि केवल घोषणाओं और विज्ञापनों से काम नहीं चलेगा, जमीनी हकीकत सामने लानी होगी।कांग्रेस के धामी सरकार पर आठ बड़े सवाल- महंगाई पर नियंत्रण के ठोस कदम क्या उठाए?- युवाओं के लिए कितने रोजगार सृजित हुए?- स्वास्थ्य सेवाओं में क्या सुधार हुए?- शिक्षा की गुणवत्ता कैसे बढ़ाई गई?- पलायन रोकने की ठोस नीति क्या है?- कानून व्यवस्था मजबूत करने के उपाय?- भ्रष्टाचार पर क्या कार्रवाई हुई?- आपदा पुनर्वास की स्थायी नीति बनी या नहीं?कांग्रेस की प्रमुख मांगें- चार वर्षों का विस्तृत श्वेत पत्र जारी हो- हर विभाग की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक हो- संवेदनशील क्षेत्रों के लिए पूर्व चेतावनी तंत्र विकसित हो- पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए

