दावा स्मार्ट मीटर का, बिल तक नहीं दे रहा ऊर्जा निगम
हल्द्वानी में ऊर्जा निगम ने स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू किया है, लेकिन कई उपभोक्ता आठ महीने से बिल न मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं। प्रकाश चंद्र जैसे उपभोक्ता बार-बार विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। बिल मिलने पर उन्हें एकमुश्त बड़ी रकम जमा करनी पड़ रही है।
हल्द्वानी। ऊर्जा निगम स्मार्ट मीटर लगाकर मीटरिंग व्यवस्था को आधुनिक करने का दावा कर रहा है। वहीं मीटर बदलने के आठ माह बाद भी गौड़धड़ा बिठौरिया के प्रकाश चंद्र को विभाग बिल तक नहीं दे सका है, जिससे वह विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वहीं अब बिल मिलने पर भी उन्हें एकमुश्त बड़ी रकम जमा करनी होगी। ऐसे ही हालात अन्य उपभोक्ताओं के भी बने हुए हैं। ऊर्जा निगम घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए अभियान चलाने के साथ ही विभाग पुलिस तक का सहारा ले रहा है।
स्मार्ट मीटर से मीटरिंग व्यवस्था बेहतर होने का सपना विभाग उपभोक्ताओं को दिखा रहा है। वहीं हर दिन की बिजली खर्च की जानकारी ऐप के माध्यम से उपभोक्ता को देने का दावा किया जा रहा है। वहीं मीटर बदलने के बाद उपभोक्ता बिल के लिए विभागीय कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। गली नंबर बारह, गौड़धड़ा बिठौरिया के निवासी प्रकाश चंद्र के घर 23 अगस्त 2025 को विभागीय टीम के पहुंचने पर स्मार्ट मीटर लगाया गया था। मीटर बदलने के बाद आठ माह से उन्हें विभाग ने बिल नहीं दिया है। ऐसे में हर माह वह विभाग के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दे रहे हैं। हालात इतने खराब बने हुए हैं कि कार्यालय जाने पर भी समाधान नहीं हो सका है। ऐसी ही स्थिति का सामना मीटर बदलवाने वाले अन्य उपभोक्ताओं को भी करना पड़ रहा है।बोले उपभोक्ता :मीटर बदलने के बाद आठ माह से बिल नहीं मिला है। इसके लिए लगातार विभाग को बताने के बाद भी समाधान नहीं हो सका है। अब आर्थिक संकट झेलना होगा।प्रकाश चंद्र, गौड़धड़ा बिठौरियातीन माह पहले स्मार्ट मीटर घर में लगाया गया है। अभी तक बिल भेजना दूर, रीडिंग लेने भी कोई नहीं आया है। कई बार विभाग के कार्यालय जाने के बाद भी समस्या बनी हुई है।कमल किशोर, रामड़ी जसुवा कठघरियास्मार्ट मीटर लगाने के पांच माह बाद विभाग ने बिल भेजा, जिससे एक साथ बड़ी रकम भरनी पड़ी थी। अभी तक ऐप से जानकारी मिलना भी शुरू नहीं हुआ है।चंद्रा जोशी, रानीबागनया मीटर लगने के बाद बिना रीडिंग लिए विभाग ने बिल भेज दिया, जिससे बिजली खर्च से ज्यादा का बिल मिला था। कई बार चक्कर लगाने के बाद इसका समाधान हो सका।मोहन सिंह, डहरियाकोट :समय से बिल नहीं भेजने के मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए जिम्मेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभागीय कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम



