देवी-देवताओं के स्वरूप को नचाने पर रोक की मांग
करणी सेना ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन हल्द्वानी, संवाददाता। देवी-देवताओं के स्वरूप को सड़कों और

हल्द्वानी, संवाददाता। देवी-देवताओं के स्वरूप को सड़कों और मंचों पर नचाने की प्रथा के विरोध में करणी सेना ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इसे धार्मिक भावनाओं और आस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। करणी सेना का कहना है कि वर्तमान में शोभायात्रा, जागरण, कीर्तन, शादी-बारात तथा अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भगवानों के दिव्य स्वरूप बनाकर उन्हें नचाया जाना सनातन परंपरा और देवी-देवताओं की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र राणा जोगी ने कहा कि सनातन धर्म में देवी-देवता हमारे आराध्य हैं। उनके स्वरूप का इस प्रकार अपमानजनक प्रदर्शन उचित नहीं है।
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि झांकी निकालनी हो तो देवी-देवताओं को सुंदर रथ पर सम्मानपूर्वक विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाए, जिससे समाज में श्रद्धा और सम्मान की भावना बढ़े। ज्ञापन में प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि इस प्रथा पर सख्ती से रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। करणी सेना ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाता है, तो संगठन स्वयं इस प्रकार की गतिविधियों का विरोध करने को मजबूर होगा। इस दौरान महंत हिरागिरी महाराज, विजय जोशी, गोविन्द अधिकारी, सुरेश सिंह वीरेंद्र बिष्ट, विनोद लखेरा आदि मौजूद रहे।


