फतेहपुर का ‘आदमखोर’ बाघ, तीन हफ्ते से जांच रिपोर्ट का इंतजार
हल्द्वानी के फतेहपुर रेंज में एक ‘नरभक्षी’ बाघ की पुष्टि का इंतजार लंबा हो रहा है। फरवरी में इस बाघ ने दो महिलाओं को शिकार बनाया था। बाघ को 3 मार्च को रेस्क्यू किया गया था, लेकिन देहरादून से रिपोर्ट अभी नहीं आई है। ग्रामीण रिपोर्ट की जल्द पुष्टि की मांग कर रहे हैं।

हल्द्वानी। फतेहपुर रेंज के जंगलों में दहशत का पर्याय बने बाघ के ‘नरभक्षी’ होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार लंबा होता जा रहा है। वन विभाग द्वारा रेस्क्यू किए गए इस बाघ को रामनगर के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखे हुए लगभग तीन हफ्ते पूरे होने को हैं, लेकिन देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्लूआईआई) से अभी तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। 2 महिलाओं को बनाया था निवालाफरवरी में फतेहपुर और आसपास के पनियाली इलाके में बाघ ने दो ग्रामीण महिलाओं को अपना निवाला बना लिया था। 12 फरवरी को पीपलपोखरा निवासी गंगा देवी और 25 फरवरी को पनियाली निवासी कमला फर्त्याल पर बाघ ने तब हमला किया, जब वे जंगल में घास काटने गई थीं।
इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया था। कड़े संघर्ष और कई दिनों की घेराबंदी के बाद वन विभाग की टीम ने इस बाघ को 3 मार्च को ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया था।रिपोर्ट पर टिका बाघ का भविष्यवन विभाग ने 3 मार्च को बाघ के दांत, नाखून और डीएनए के नमूने जांच के लिए देहरादून भेजे थे। रिपोर्ट में देरी के कारण विभाग यह तय नहीं कर पा रहा है कि इस बाघ को ताउम्र बाड़े में रखा जाए या किसी अन्य सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाए। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही उच्च स्तर पर बाघ के भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, पनियाली और फतेहपुर के ग्रामीण डरे हुए हैं और जल्द से जल्द पुष्टि की मांग कर रहे हैं।- हम लोग डब्लूआईआई के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। डब्लूआईआई में विभिन्न राज्यों से सैंपल आते हैं जिसके चलते काम का लोड काफी है। उम्मीद है जल्द ही रिपोर्ट मिलेगी। रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।एके असगोला, रेंजर, फतेहपुर रेंज


