Updated: Wed, 04 Mar 2026 01:00 AM (IST)
हल्द्वानी के फतेहपुर रेंज में दो महिलाओं को मारने वाला आदमखोर बाघ 20 दिन बाद आखिरकार पकड़ा गया। वन विभाग की टीम ने मंगलवार रात 10:30 बजे पनियाली गांव …और पढ़ें

फतेहपुर रेंज में आतंक का पर्याय बन चुका बाघ 20वें दिन पकड़ में आया।
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। फतेहपुर रेंज में आतंक का पर्याय बन चुका बाघ आखिरकार 20वें दिन पकड़ में आ गया। वन विभाग की टीम ने रात 10.30 बजे पनियाली गांव से सटे जंगल में बाघ को ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे रामनगर स्थित ढेला रेस्क्यू सेंटर भेजा गया। पहले 12 फरवरी को पीपलपोखरा गांव की गंगा देवी और फिर 25 फरवरी को पनियाली गांव की कमला फर्त्याल को जंगल में घास काटने के दौरान मारने वाला बाघ 20 दिनों से वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ था।
मंगलवार रात वन विभाग की टीम मचान के पास तैनात थी। तभी टीम को उसकी मूवमेंट नजर आई। रात करीब 10 बजे कार्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डा. दुष्यंत शर्मा ने जैसे ही बाघ करीब 30 मीटर की दूरी पर आया, ट्रैंकुलाइज गन से उस पर निशाना साधा। उनका निशाना सटीक रहा। इसके बाद बाघ वहां से भागा और करीब 20 मीटर आगे बेहोश होकर गिर गया। इसके बाद वन विभाग की टीम उसे ढूंढने के लिए निकली और करीब 10.30 बजे बाघ झाड़ियों में पड़ा मिला। टीम ने तुरंत उसे रेस्क्यू किया।
बाघ का डीएनए परीक्षण किया जाएगा
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बात की पूरी संभावना है कि पकड़े गए बाघ ने ही दोनों महिलाओं को मारा है, क्योंकि इस क्षेत्र में बार-बार इसका ही मूवमेंट नजर आ रहा था। फिर भी बाघ का डीएनए परीक्षण किया जाएगा, ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि दोनों महिलाओं को मारने वाला बाघ यही है।
सोमवार को भैंसा खाकर निकल गया था बाघ
बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग के करीब 60 कर्मचारी दिन-रात लगे हुए थे। विभाग ने पीपलपोखरा से लेकर पनियाली के जंगल में पांच पिंजरे और 58 ट्रैप कैमरे लगाए थे। यही नहीं दो मचान पर ट्रैंकुलाइजर के साथ विभाग की टीम तैनात की गई थी। उसे जाल में फंसाने के लिए एक भैंसा भी बांधा गया था। सोमवार को बाघ मचान के पास बांधे गए भैंसे को खाकर चला गया। लेकिन टीम उसे ट्रैंकुलाइज नहीं कर पाई थी। वह विभाग की टीम को चकमा देकर निकल गया था। हालांकि, मंगलवार को बाघ दूसरे मचान के पास से ट्रैंकुलाइज किया गया।
वन संरक्षक ने स्पाट किए थे चिह्नित
बाघ के नहीं पकड़े जाने पर सोमवार को वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त साकेत बडोला भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ बाघ की मूवमेंट के स्पाट चिह्नित किए थे और इन पर अधिक नजर रखने के निर्देश दिए थे।
टीम ने बाघ को पकड़ लिया है। इस बात की संभावना काफी अधिक है कि दोनों महिलाओं को मारने वाला बाघ यही है। हालांकि अंतिम पुष्टि डीएनए जांच के बाद की जाएगी। लोगों से अपील है कि वे बाघ के पकड़े जाने के बाद यह न सोचें कि अब कोई खतरा नहीं है। जंगल में कई खतरनाक वन्यजीव हैं इसलिए वे जंगल में प्रवेश न करें। – साकेत बडोला, वन संरक्षक, पश्चिमी वृत्त
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