Updated: Fri, 06 Mar 2026 07:56 AM (IST)
हल्द्वानी के फाटक संख्या 52 पर ओवरब्रिज न होने से गौलापार और हल्द्वानी के बीच रोजाना भीषण जाम लगता है। रेलवे की अतिक्रमित भूमि के कारण पुल निर्माण रुक …और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी । हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से सटे फाटक संख्या 52 पर ओवरब्रिज न होने से रोजाना हजाराें लोग परेशान होते हैं। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लाेग गौलापार, हल्द्वानी, सितारगंज जाते हैं। मुख्य मार्ग की रेलवे क्रासिंग का फाटक ट्रेन गुजरने से 20 मिनट से आधे घंटे तक बंद होने से आमजन जाम में फंसते हैं।
रेलवे के अनुसार फाटक के पास अतिक्रमित भूमि है, सुप्रीम सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटने के संकेत से ओवरब्रिज बनने की उम्मीद है। यह प्लान रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट के सामने भी रखा है।
हर दिन जाम व देरी से जूझना पड़ता है
गौलापार और हल्द्वानी के बीच बना समपार फाटक 52 अक्सर देर तक बंद रहता है। रेलवे सूत्रों के अनुसार इस क्रासिंग पर रेलवे की एक ही लाइन है। ऐसे में ट्रेन पास होने में थोड़ा अधिक समय लगता है। साथ ही यहां कोई रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) या अंडरपास भी नहीं है। इससे आम जनता को हर दिन जाम व देरी की समस्या से जूझना पड़ता है।
कई बार आधे घंटे तक फाटक बंद रहने से आपातकालीन सेवा (एंबुलेंस), स्कूल बस में बच्चे, आफिस जाने वाले लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस समस्या को लेकर वर्ष 2021 में सांसद अजय भट्ट ने क्रासिंग पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग उठाई। उन्हाेंने शहर की प्रमुख समस्या को लोकसभा में भी उठाया था।
उनकी मांग उठाने के बावजूद आज तक कोई समाधान नहीं हो सका है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हुई रेलवे की भूमि व राज्य सरकार की सहमति मिलने के बाद ही कुछ होना है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद उम्मीद है कि यदि अतिक्रमण हटाया जाएगा, तो लोगों की इस समस्या का समाधान हो सकता है।
रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज न होने से गौलापार के ग्रामीण रोजाना परेशान होते हैं। फाटक ट्रेन गुजरने से आधा घंटा पहले बंद हो जाता है। पुल के सड़क निर्माण की गुणवत्ता खराब है।
– अर्जुन सिंह बिष्ट, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्यकई बार आधे-पौन घंटे तक रेल फाटक बंद रहता है। बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने में हमेशा देरी होती है। यदि यहां ओवरब्रिज नहीं बनता है,तो आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
– हरीश पलड़िया, गौलापाररेलवे फाटक समय से पहले बंद होने से काफी परेशानी होती है। इससे गौलापार स्टेडियम जाने वाले खिलाड़ी लेट हो जाते है। समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
– मनोज रावत, गौलापारओवरब्रिज निर्माण के लिए राज्य सरकार की सहमति जरूरी है। उसके बाद रेलवे एनओसी देगा। यदि अतिक्रमण की भूमि रेलवे को मिल गई, तो यह प्लान पूरा हो सकता है।
– संजीव शर्मा, सीनियर डीसीएम, इज्जतनगर
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