बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. पटना के प्रमुख होटल पनाश में महागठबंधन के विधायकों को मतदान से पूर्व संध्या एकत्रित किया गया, जहां कांग्रेस के चार विधायकों का आने का इंतज़ार पूरी रात होते रहा. महागठबंधन के सूत्रों के अनुसार, फिलहाल इन चार विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारे में सस्पेंस की स्थिति बनी हुई है.
बिहार विधानसभा में कांग्रेस के कुल छह विधायक हैं, जिनमें से अभी तक केवल दो – किशनगंज से कमरूल होदा और चनपटिया से अभिषेक रंजन – होटल पनाश पहुंचे हैं. कमरूल होदा ने कहा है कि बाकी चार विधायक भी जल्द पहुंचेंगे और सभी कांग्रेस विधायक महागठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं. संपर्क नहीं हो पाने वाले विधायकों में मनिहारी से मनोहर सिंह, फारबिसगंज से मनोज विश्वास, अररिया सदर से अब्दुर रहमान और वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र कुशवाहा शामिल हैं. महागठबंधन के खास तौर पर आरजेडी के नेता इन विधायकों से संपर्क बढ़ाने में जुटे हैं.
राज्यसभा चुनाव की रणनीति के तहत विधायकों को एक जगह रोकना महागठबंधन की अहम चाल मानी जा रही है, ताकि किसी तरह की किन्हीं संभावित दलीलों से बचा जा सके. आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव भी होटल पनाश पहुंचे और विधायकों से विचार-विमर्श किया. आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि महागठबंधन के पक्ष में कुल 48 विधायक हैं.
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इस बीच एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा ने कहा है कि चुनाव को लेकर सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई गड़बड़ी की कोशिश करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
होटल पनाश में AIMIM के सभी पांच विधायक और उनके प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान भी मौजूद हैं, जो आगामी चुनाव में महागठबंधन का समर्थन कर रहे हैं. इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव निर्णायक साबित होने वाला है.
RJD MLA भाई विरेंद्र ने क्या कहा?
उनसे एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि ‘विपक्ष दावा कर रहा है कि चुनाव में उन्हें फायदा होगा, इस पर आप क्या कहेंगे?’. इस पर उन्होंने कहा, ‘उनके पास कुछ है नहीं, लेकिन वे बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं. असल में दावा तो आप लोग कम कर रहे हैं, मीडिया ही इसे ज्यादा चला रहा है. सबसे बड़ी बात है कि जो सही है वही दिखाना चाहिए.’
सवाल: आप लोग कितनी संख्या का दावा कर रहे हैं?
जवाब में आरजेडी विधायक कहते हैं कि हम लोग 48 का आंकड़ा पार करेंगे. अभी हमारा संख्या बल 41 है ही, लेकिन हम इसे 48 तक पहुंचाकर दिखाएंगे.
सवाल: क्या दूसरी पार्टियों के विधायक भी आपके साथ आ रहे हैं?
जवाब में बताते हैं कि हमारे साथ विधानसभा के सदस्य आ रहे हैं, लेकिन कौन-कौन सी पार्टी के लोग हैं, यह मैं अभी नहीं बता सकता.
बिहार में राज्यसभा चुनाव आज
बिहार में आज राज्यसभा चुनाव का आयोजन किया जा रहा है. इस चुनाव में पांच सीटों के लिए मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा और नतीजे आज ही घोषित किए जाएंगे. इस बार एनडीए मजबूत स्थिति में है, लेकिन पांचवीं सीट पर कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है.
कुल छह उम्मीदवारों ने नामांकन भरे थे, जो सभी वैध पाए गए. उम्मीदवारों में जेडीयू ने नीतीश कुमार के दो उम्मीदवार (दो सेट) और रामनाथ ठाकुर के तीन उम्मीदवार (तीन सेट) शामिल हैं. वहीं भाजपा की तरफ से नितिन नबीन मैदान में हैं. इसके अलावा विपक्ष और एनडीए के सहयोगी दलों के उम्मीदवार भी चुनाव में शामिल हैं.
बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं, और एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए न्यूनतम 41 वोटों की जरूरत होती है. वर्तमान स्थिति में एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जिससे वे चार सीटें आसानी से जीत सकते हैं. वहीं विपक्ष के महागठबंधन के पास कुल 41 विधायक हैं, जिसमें प्रमुख भूमिका राजद (RJD) की है, जो एक सीट पर मजबूत पकड़ रखता है.
हालांकि, पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प है क्योंकि इस सीट पर AIMIM और BSP जैसे छोटे दलों के विधायकों की भूमिका अहम बन गई है. AIMIM के पास 5 और BSP के पास 1 विधायक है, जो इस टक्कर में निर्णायक हो सकते हैं. ऐसे में इस सीट के लिए सभी दल पूरी रणनीति के साथ चुनाव लड़ रहे हैं.
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