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बोले हल्द्वानी: जेके पुरम में विकास की सुस्त चाल, सड़क पर बने गड्ढों से जनता बेहाल
कॉमन इंट्रो:: वार्ड नंबर 52 स्थित जेके पुरम बी-ब्लॉक के लोग लंबे समय से खुदी
हल्द्वानी, दीक्षा बिष्ट लमगड़िया। वार्ड नंबर 52 स्थित जेके पुरम बी-ब्लॉक के लोग लंबे समय से खुदी हुई सड़कों से परेशान है। यहां रह रहे 28 परिवार बदहाल सड़कों और झूलते बिजली के तारों के कारण डर के साए में जीने को मजबूर हैं। विकास के नाम पर छह माह पूर्व खोदी गई सड़कों की लेवलिंग न होने से पूरी कॉलोनी गड्ढों में तब्दील हो गई है। इन गड्ढों में हफ्तों से जमा गंदा पानी अब मच्छरों का केंद्र बन चुका है। वहीं, उड़ती धूल के कारण बच्चों और बुजुर्गों में सांस व एलर्जी की बीमारियां फैल रही हैं। सड़क की दुर्दशा के साथ-साथ बिजली विभाग की लापरवाही भी जानलेवा साबित हो रही है।
गलियों में काफी नीचे तक लटकते जर्जर तार और सड़क के बीचों-बीच खड़े पोल आए दिन हादसों को दावत दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कों को समतल नहीं किया गया और बिजली के तारों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे।जेके पुरम बी-ब्लॉक के निवासियों के लिए विकास अब विनाश का सबब बनता जा रहा है। कॉलोनी के लगभग 350 लोग पिछले छह महीनों से काफी परेशान है। एक तरफ जहां जर्जर सड़कें और गहरे गड्ढे लोगों के पैर तोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिर के ऊपर लटकते बिजली के नंगे तार सीधे मौत को दावत दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे हर पल डर के साए में जीने को मजबूर हैं। कॉलोनी की सड़कों को विकास के नाम पर छह माह पूर्व खोदा गया था, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ देने के कारण अब स्थिति भयावह है। सड़क की लेवलिंग न होने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें हफ्तों से गंदा पानी जमा है। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही यह ठहरा हुआ पानी मच्छरों का प्रजनन केंद्र बन गया है, जिससे क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। इतना ही नहीं, सड़कों से उड़ने वाली धूल ने लोगों का दम घोंट दिया है। हवा में मौजूद धूल के कणों के कारण बच्चों और बुजुर्गों में अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियां घर कर रही हैं। सड़कों की बदहाली के साथ-साथ बिजली विभाग की लापरवाही भी चरम पर है। कॉलोनी की गलियों पर बिजली के तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक हैं। विशेष रूप से बारिश के दौरान इन तारों से करंट उतरने का भय बना रहता है। इसके अतिरिक्त, सड़क के बीचों-बीच लगे बिजली के पोल यातायात में बाधा डाल रहे हैं और आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं। मौत को दावत दे रहे झूलते बिजली के तारजेके पुरम बी ब्लॉक में बिजली के जर्जर और झूलते तार स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। कॉलोनी की गलियों में कई जगह बिजली के तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण वे डर के साए में जीने को मजबूर हैं। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि पिछले काफी समय से बिजली के तार ढीले होकर नीचे की ओर झूल रहे हैं। मुख्य रास्तों और घरों के प्रवेश द्वार के पास लटकते इन तारों से राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने में भारी असुविधा हो रही है। खासकर बारिश के मौसम में इन तारों से करंट उतरने का खतरा और भी बढ़ जाता है। लोगों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इन लटकते तारों को तत्काल कसवाया जाए और जहां जरूरत हो वहां नए तार लगाए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।गड्ढों में भरा पानी दे रहा बीमारियों को न्योताक्षेत्र में विकास के नाम पर खोदी गई सड़कें अब स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। क्षेत्र में जगह-जगह सड़क की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन काम खत्म होने के बाद उनकी लेवलिंग नहीं की गई। इसका नतीजा यह है कि पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है और इनमें हफ्तों से गंदा पानी जमा है। जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, इन गड्ढों में जमा स्थिर पानी स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। रुके हुए पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही इन गड्ढों को भरकर पानी निकासी का इंतजाम नहीं किया गया, तो क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां लोगों को हो सकती है। आए दिन लोग हो रहे चोटिल बदहाल सड़कों ने अब लोगों का खून बहाना शुरू कर दिया है। पिछले काफी समय से खराब पड़ी सड़कों की वजह से यहां आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि सड़क पर पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं है। स्थानीय लोगों ने भारी आक्रोश जताते हुए बताया कि सड़कों पर गहरे गड्ढे और बिखरी गिट्टियां हादसों का मुख्य कारण हैं। हाल ही में कॉलोनी की एक महिला सड़क पर संतुलन बिगड़ने से गिर पड़ीं, जिससे उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर आ गया। यह कोई इकलौती घटना नहीं है; रोजाना कोई न कोई बुजुर्ग, बच्चा या बाइक सवार इन गड्ढों का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहा है।धूल के कारण लोगों को हो रही बीमारी लोगों ने कहा कि अब खुली हवा में सांस लेना भी किसी खतरे से कम नहीं रह गया है। सड़कों की खुदाई और अधर में लटके निर्माण कार्यों के कारण उड़ने वाली धूल ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले छह महीनों से धूल के इस जानलेवा गुबार के बीच रहने को मजबूर हैं। धूल के बारीक कण हवा में इस कदर घुले हुए हैं कि कॉलोनी के बच्चों और बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारियां तेजी से पनप रही हैं। कई लोगों ने अस्थमा, लगातार खांसी, आंखों में जलन और एलर्जी की शिकायत की है। लोगों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा धूल की परतें अब हमारे कमरों और रसोई तक पहुंच गई हैं। दिन भर घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने के बावजूद राहत नहीं मिलती। पांच शिकायतें पिछले 6 माह से खुदी हुई है सड़केगड्ढों पर जमा हो रहा पानी सड़क पर लेवल ना होने के कारण हो रहे हादसे सड़क पर लगाए गए है बिजली के पोल कॉलोनी में झूल गए बिजली के तार पांच सुझाव सड़कों का काम जल्द पूरा किया जाए सड़क पर हो रहे गड्ढों को भरा जाए सड़क को एक लेवल में किया जाए बिजली के पोलो को सड़क से हटाया जाएझूलते बिजली के तारों ठीक किया जाए बोले लोगछह महीने से सड़क खुदी पड़ी है। उड़ती धूल से लोग बीमार हो रहे है। घर की खिड़कियां बंद रखने पर भी सांस लेना दूभर है। प्रशासन हमारी सुध लेने को तैयार नहीं है, क्या हम टैक्स इसी बदहाली के लिए देते हैं। रीता तिवारी सड़क के गड्ढों में हफ्तों से पानी जमा है, जिससे मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। डर है कि गर्मी बढ़ते ही डेंगू-मलेरिया महामारी का रूप न ले लें। सडक का काम जल्द से जल्द पूरा होना चाहिए। मंजू जोशी कॉलोनी में कई लोगों के सड़क के गड्ढे में गिरने से हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गए है। सड़क की लेवलिंग न होना और बिखरी गिट्टियां जानलेवा साबित हो रही हैं। इसका जिम्मेदार कौन है। कुसुम त्रिपाठीबिजली के पोल बीच सड़क पर लगा दिए गए हैं। रात के अंधेरे में वाहन चालक इनसे टकराकर चोटिल हो सकते हैं। ऊपर से लटकते तार और नीचे गहरे गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन गए है। आशा पाठकबुजुर्ग का बाहर टहलना भी मुश्किल हो गया है। धूल की वजह से आंखों में जलन और फेफड़ों में संक्रमण हो रहे है। छह महीने से प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है, काम कुछ नहीं हो रहा।संदीप सड़क की खुदाई तो जल्दी कर दी लेकिन काम आराम से हो रहा है। गड्ढों की वजह से बाइक चलाना सर्कस जैसा हो गया है। आए दिन लोग गिर रहे हैं। अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई, तो हम प्रदर्शन करेंगे।एमएम पाठक बिजली के तार इतने नीचे आ गए हैं कि हाथ से छुए जा सकते हैं। बारिश में करंट फैलने का डर लगा रहता है। विभाग को कई बार फोन किया, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। यह पूरी तरह लापरवाही है।एचसी जोशी धूल की परतें हमारे घरों के अंदर तक पहुंच गई हैं। दिन भर सफाई करने के बाद भी सब गंदा रहता है। लगातार लोगों को सांस संबंधी बिमारियां हो रही है। काम जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए। डीसी जोशी सड़क पर लगाए गए बिजली के खंभे यातायात में बड़ी बाधा हैं। इनसे टकराकर कई हादसे हो चुके हैं। लेवलिंग न होने से पानी घरों के बाहर जमा रहता है, जिससे नींव कमजोर हो रही है।एलसी जोशी हमने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सड़क निर्माण और बिजली के तारों को ठीक करना शामिल है। प्रशासन हमारी धैर्य की परीक्षा न ले। धूल और गंदगी ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है।डीसी पांडेपिछले छह महीने से हम धूल फांक रहे हैं। सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें उनके हाल पर छोड़ देना जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। सांस लेना भी अब दूभर हो गया है। देवेंद्र पंत कुछ दन पहले मेरा पैर गड्ढे में फस गया था और मैं गिर गई। बड़ा हादसा होने से तो बच गया लेकिन हल्की चोट तो आई ही है। ऐसे ही कॉलोनी में आए दिन लोग गिरने में है।सुनीता धार सड़क की हालात बहुत खराब हो रखी है। कुछ दिन पहले मेरा पैर मुड़ गया था जिसके बाद से पैर में दर्द बना हुआ। अब कबतक हमें ऐसे रहने पड़ेगा। जल्द से जल्द सड़क को ठीक करवाया जाए। बसंती पाठक योजनाबद्ध तरीके से कार्य ना होने के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, यह हाल सिर्फ एक गली-मोहल्ले का नहीं है, यह पूरे वार्ड की स्थिति है।उमेश बिनवाल बोले जिम्मेदारमामला संज्ञान में है। स्थानीय लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल मरम्मत और सुधार के लिए कहा गया है। सभी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करवाया जाएगा। रेखा बिनवाल, पार्षद वार्ड-52विभागीय कार्मिकों के द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान खतरा बन रहे पोल मिलने पर बदलने की आवश्य कार्रवाई की जाएगी। एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम।


