हल्द्वानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हड़ताल जारी है। बुद्ध पार्क में अपनी 24 सूत्री मांगों को लेकर छठें दिन भी सैकड़ों आंगनबाड़ी डटी रही। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। कार्यकर्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी म
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‘हम कर्मचारी हैं या बंधुआ मजदूर?’
धरने पर बैठी कार्यकर्ताओं का सबसे बड़ा दर्द ‘मानदेय’ को लेकर है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 9,300 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं।आज के दौर में 9,300 रुपये में बच्चों की फीस, राशन और दवाइयों का खर्च उठाना नामुमकिन है।
कार्यभार का दबाव
सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने वाली इन महिलाओं का आरोप है कि काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन वेतन के नाम पर उन्हें ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ थमाया जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर पिछले कई सालों से सहायता से मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार और सिस्टम एक भी नहीं सुन रहा है।सरकार को हमारी सुध लेने की फुर्सत नहीं है। हम 11 दिनों से शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन हमारी अनदेखी की जा रही है। क्या हम सरकारी तंत्र का हिस्सा नहीं हैं?
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है संगठन
मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि। राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। सेवानिवृत्ति पर पेंशन और अन्य सुविधाओं का लाभ।अतिरिक्त कार्यभार के लिए विशेष भत्ते की व्यवस्था।
चेतावनी: अब आर-पार की होगी जंग
आंगनबाड़ी संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब तक यह धरना शांतिपूर्ण रहा है। लेकिन सरकार की संवेदनहीनता उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रही है। यदि अगले कुछ दिनों में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन बुद्ध पार्क से निकलकर पूरे शहर में उग्र रूप ले सकता है।जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।

