नैनीताल में ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान के तहत राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया गया, जिसमें 722 वादों का निस्तारण किया गया। डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता न्याय को सरल और सुलभ बनाना है। विभिन्न अधिनियमों के तहत कई वादों का निस्तारण किया गया।

नैनीताल, वरिष्ठ संवाददाता। ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान के तहत नैनीताल जिले में शनिवार को राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया गया। इस दौरान 722 वादों का निस्तारण किया गया।डीएम ललित मोहन रयाल ने बताया कि न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाते हुए आम जनमानस को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह पहल न्याय सुलभता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जिले में राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से 722 वादों का निस्तारण हुआ। सहायक कलेक्टर द्वितीय धारी ने धारा 34 एलआर एक्ट के तहत 15 में से 14 वादों का निस्तारण किया।
सहायक कलेक्टर द्वितीय कैंचीधाम ने 78 वादों के सापेक्ष 76 वादों का निस्तारण किया। इसके अलावा विभिन्न राजस्व न्यायालय में 28 भू-राजस्व अधिनियम के दो, 33/ 47 स्टांप अधिनियम के 130, 167 जमींदारी विनाश अधिनियम के 11, 176 जमीदारी अधिनियम एवं भू-सुधार अधिनियम के 16, 33/ 39 भू-राजस्व अधिनियम के 17, 229-बी जमींदारी अधिनियम भू-सुधार अधिनियम के छह, 143 जमींदारी अधिनियम भू-सुधार अधिनियम के 64, 161 के नौ, 41 एलआर एक्ट के सात, 126 /135 बीएनएसएस के 76, 131-ख के 34 और एलआर एक्ट के 383 वादों का निस्तारण किया गया। डीएम ने बताया कि ‘जन जन की सरकार चार साल बेमिसाल: थीम के तहत बीती 25 मार्च को आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 575 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया था।


