Updated: Sun, 01 Mar 2026 11:37 AM (IST)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रानीबाग में बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की 45 एकड़ जमीन पर आईटी हब बनाने की घोषणा की है। यह पहल कुमाऊं समेत पूरे उत्तराखं …और पढ़ें

हल्द्वानी में सीएम की घोषणा, 2022 में केंद्र से मिली थी 45 एकड़ भूमि. File

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। रानीबाग में बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की जमीन पर राज्य सरकार ने आइटी हब विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि एक जगह पर आइटी सेक्टर से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों के आने पर क्षेत्र को नई पहचान मिलने के साथ ही कुमाऊं समेत राज्य के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। आइटी हब योजना का धरातल पर उतरना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
1985 में रानीबाग के पास एचएमटी फैक्ट्री की स्थापना हुई थी। जिसका पूरा परिसर 91 एकड़ में फैला था। लेकिन 2016 में फैक्ट्री का संचालन बंद हो गया था। पूरा इलाका खंडहर में तब्दील हो गया था। जिसके बाद से राज्य सरकार जमीन ट्रांसफर की कवायद में जुट गई।
2022 में केंद्र सरकार ने एचएमटी की 45.33 एकड़ भूमि उत्तराखंड को सौंप दी। जिसके बाद खाली भूमि पर मिनी सिडकुल, एम्स, हथियार फैक्ट्री से लेकर पीएम आवास योजना के तहत गरीब लोगों के लिए ग्रुप हाउसिंग तक की चर्चा हुई। लेकिन किसी भी प्रोजेक्ट को लेकर बात आगे नहीं बढ़ सकी।
मगर अब सीएम पुष्कर सिंह धामी की घोषणा से एक बार फिर एचएमटी की खाली जमीन से रोजगार की उम्मीद जगी है। शनिवार को रामपुर रोड स्थित एफटीआइ में समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि आइटी हब बनने पर रोजगार सृजन के साथ ही औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा भी मिलेगा। आइटी सेक्टर से जुड़ी देश की अलग-अलग कंपनियां रानीबाग में नजर आएगी।
बिंदुखत्ता सहित अन्य क्षेत्रों के समाधान को प्रयास जारी: सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने की मांग पर कहा है कि सरकार इसे लेकर प्रयास कर रही है। इसके साथ ही ऋषिकेश का बापूग्राम हो, रामनगर के क्षेत्र और खटीमा के बग्गा 54 का सहित प्रदेश अन्य इलाकों को लेकर भी सरकार गंभीर है। समाधान को लेकर कवायद हो रही है।
बनभूलपुरा मामला पहले ही हल हो जाता, कांग्रेस-सपा सुप्रीम कोर्ट गए
बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सीएम धामी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यहां अवैध अतिक्रमण की बात मानी है। कहा कि इसका समाधान पहले ही हो जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसको सुप्रीम कोर्ट में ले गए। अब कोर्ट के निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन कार्य कर रहा है।

