लीसा और लकड़ी तस्करों पर अब तीसरी आंख रखेगी नजर
हल्द्वानी वन विभाग ने अवैध लकड़ी और लीसे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों का सहारा लिया है। सभी प्रमुख बैरियर को कैमरों से लैस किया गया है ताकि तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस पहल से तस्करी पर अंकुश लगेगा और तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी।

हल्द्वानी। लकड़ी और लीसे की बढ़ती तस्करी पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने अब तकनीक का सहारा लिया है। हल्द्वानी वन प्रभाग ने अपने प्रमुख बैरियरों को सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया है, जिससे वन तस्करों की हर गतिविधि पर ‘तीसरी आंख’ की पैनी नजर रहेगी। पर्वतीय इलाकों में वन विभाग के कई बैरियर हैं। बावजूद इसके पर्वतीय इलाकों से बड़ी मात्रा में अवैध लीसा गाड़ियों में छिपा कर लाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों पर तस्करों से मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग की इस नई पहल के तहत सभी संवेदनशील बैरियरों को सीसीटीवी के माध्यम से सीधे डीएफओ कार्यालय से जोड़ा गया है।
हल्द्वानी वन प्रभाग ने गौलापार-चोरगलिया क्षेत्र के हनुमानगड़ी, डोल पोखरा, सेला और चंपावत में ककराली बैरियर पर सीसीटीवी लगाए हैं। अब अधिकारी कार्यालय में बैठकर ही लाइव फीड के माध्यम से बैरियरों पर होने वाली आवाजाही की निगरानी कर रहे हैं। विभाग के इस कदम से न केवल तस्करी पर अंकुश लगेगा, बल्कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी। अधिकारियों का मानना है कि कैमरों की तैनाती से संदिग्ध वाहनों की पहचान आसान होगी और साक्ष्यों के आधार पर तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। मामले में हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि सीसीटीवी से सभी गेटों से गुजरने वाले वाहनों की मानिटरिंग की जा रही है।


