वनभूलपुरा में 90 फीसदी प्रभावितों ने मांगे फ्लैट

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बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित विस्तार की जद में

वनभूलपुरा में 90 फीसदी प्रभावितों ने मांगे फ्लैट

बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित विस्तार की जद में आए वनभूलपुरा क्षेत्र के प्रभावित परिवारों में से 90 प्रतिशत से अधिक ने पुनर्वास के लिए फ्लैट का विकल्प चुना है। गुरुवार तक 6954 प्रभावितों के फार्म जमा हो गए, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) यानी भाागीदारी में किफायती आवास परियोजना के आवेदन सर्वाधिक रहे।रेलवे ने हल्द्वानी स्टेशन विस्तार के लिए करीब 30.95 हेक्टेअर भूमि मांगी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने 20 मार्च से 1 अप्रैल तक छह अलग-अलग शिविरों का आयोजन किया, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के आठ हजार से अधिक आवेदन पत्र बांटे गए।शिविरों

में तैनात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलेंटियर (पीएलवी) एवं अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करने पर बताया कि सर्वाधिक लोगों ने श्रेणी-2 (एएचपी)यानी फ्लैट वाले विकल्प को प्राथमिकता दी है। जबकि करीब दस फीसदी लोगों ने ब्याज सब्सिडी योजना के माध्यम से किफायती आवास और लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण योजना का विकल्प भरा।—————————–पुराने सर्वे से तीन हजार परिवार बढ़ेसुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जून 2024 में हुए सर्वे में वनभूलपुरा क्षेत्र में लगभग 5300 प्रभावित परिवारों की पहचान की गई थी। लेकिन, सभी छह शिविरों में आठ हजार से अधिक आवेदन फार्म बंटे। हालांकि छह अप्रैल से कुल जमा आवेदनों की जांच (स्क्रूटनी) की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू कर दी गई है। बता दें कि वनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 28 अप्रैल को अगली सुनवाई प्रस्तावित है।————————प्रधानमंत्री आवास योजना: ये हैं तीन विकल्प1. निजी भूमि पर निर्माणनगर निगम क्षेत्र में वैध निजी भूमि और 1 सितंबर 2024 से पहले हल्द्वानी में निवास प्रमाण होने पर दो कमरों, किचन और शौचालय वाले घर के लिए करीब 2.75 लाख रुपये का अनुदान। लाभार्थी ईडब्ल्यूएस श्रेणी का हो, जिसकी वार्षिक आय तीन लाख से कम हो।2. भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी)इस योजना के तहत नियमानुसार सरकार की एजेंसी जिला विकास प्राधिकरण या अन्य अधिकृत एजेंसी को सस्ते फ्लैट बनाकर देने का प्रावधान है। इसमें प्रति ईडब्ल्यूएस आवास मूल्य नौ लाख होगा, जिसमेंं 2.25 लाख रुपये केंद्र सहायता, दो लाख रुपये राज्य सरकार और लगभग 4.75 लाख रुपये लाभार्थी को स्वयं वहन करने होंगे।3. ब्याज सब्सिडी योजनाआवास-विहीन परिवार बैंक से ऋण लेकर निजी भूमि पर मकान बना सकते हैं। इस पर 1.80 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है, लेकिन बैंक ऋण अधिकतम 25 लाख और घर का मूल्या 35 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए।————————–

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