शहर के कूड़े से गांवों के किसानों की फसल बर्बाद हो रही
हल्द्वानी में कूड़े की समस्या से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। नहरों और नालों में जमा कूड़ा गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। किसानों ने समस्या के समाधान के लिए नालों की नियमित सफाई और कूड़े के उचित निस्तारण की मांग की है। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो कृषि पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
हल्द्वानी। हल्द्वानी शहर के कूड़े से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। शहर से होकर गुजर रही नहरों और नालों में जमा कूड़ा खेतों में पहुंचने से गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान हो रहा है। गौला नदी से गांवों तक सिंचाई का पानी ले जाने वाली अधिकांश नहरें शहर से होकर गुजरती हैं। शहर में मौजूद नाले भी गांवों से जुड़े हुए हैं। गौला नदी के पानी और पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के दौरान इनमें जमा सैकड़ों टन कूड़ा किसानों के खेतों में पहुंच गया है। रामपुर रोड से लगे हरीपुर जमनसिंह, चांदनी चौक टीला, हरीपुर मोतिया, चांदनी चौक गरवाल और आनंदपुर समेत क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं की फसल खराब होने की आशंका है।स्थानीय
किसान पूर्ण प्रकाश जोशी ने बताया कि शहर में जमा कूड़ा ग्रामीण किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। वर्षों बाद भी इसका समाधान नहीं होने से खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। किसान ललित मोहन भट्ट ने कहा कि कूड़ा जमा होने के बाद उठ रही दुर्गंध से खेतों में जाना तक मुश्किल हो गया है। पहले मौसम की मार ने गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया और अब कूड़ा बची फसल के लिए भी खतरा बन गया है। किसान तारेश्वर सिंह नेगी ने बताया कि शहर में खुले में कूड़ा डाला जा रहा है और उसकी नियमित सफाई नहीं होती, जिसके कारण यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। किसानों ने मांग की है कि नालों और नहरों की नियमित सफाई कराई जाए और कूड़ा निस्तारण की बेहतर व्यवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें। इस समस्या का असर सिर्फ किसानों की आय पर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले समय में यह संकट और गहरा सकता है।कोट -नहरों की नियमित सफाई की जाती है। लोगों से लगातार नहर में कूड़ा न डालने की अपील की जा रही है। इसके बाद भी पकड़े जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।- दिनेश रावत, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग



