शिक्षकों के अटैचमेंट का विरोध शुरू
हल्द्वानी में दुर्गम स्कूलों से शिक्षकों को सुगम विद्यालयों में अटैच करने के मामले पर विवाद उत्पन्न हुआ है। राजकीय शिक्षक संघ ने इसका विरोध करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी से आदेश निरस्त करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों का तबादला नहीं हो पा रहा है।

हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। दुर्गम स्कूलों से शिक्षकों को हटाकर सुगम विद्यालयों में किए जा रहे अटैचमेंट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राजकीय शिक्षक संघ ने रामगढ़ ब्लॉक से हल्द्वानी और कोटाबाग जैसे सुगम क्षेत्रों में शिक्षकों के अटैचमेंट पर कड़ा ऐतराज जताया है। इसे स्थानांतरण नियमावली का उल्लंघन बताते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर आदेशों को निरस्त करने की मांग की है। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी ने कहा कि एक तरफ विभाग सभी प्रकार के अटैचमेंट समाप्त करने का दावा करता है, वहीं मनमाने तरीके से समायोजन किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पहाड़ के विद्यालयों से शिक्षकों को हटाया जा रहा है, तो वहां पढ़ रहे छात्रों के पाठ्यक्रम और भविष्य का क्या होगा? अटैचमेंट के कारण शिक्षक का वेतन मूल विद्यालय से ही निकलता है, जिससे वह पद रिक्त नहीं दिखाया जा सकता।
पद रिक्त न दिखने के कारण वहां न तो नई नियुक्ति हो पाती है और न ही स्थानांतरण से कोई दूसरा शिक्षक आ पाता है। वर्षों से दुर्गम में सेवा दे रहे शिक्षक तबादले की राह देख रहे हैं दूसरी ओर चहेतों को नियम के खिलाफ सुगम में लाया जा रहा है। यह छात्र हित और शिक्षक हित दोनों के खिलाफ है। मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा ग्रीष्मावकाश से पूर्व 30-40 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा करने के आदेश पर भी संघ ने असहमति जताई है। शिक्षकों ने तर्क दिया कि आगामी सत्र में गैर-शैक्षणिक कार्यों की अधिकता रहेगी।


