हल्द्वानी के ग्रामीणों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सीखे स्वरोजगार के गुर
हल्द्वानी वन प्रभाग ने ग्रामीणों की आजीविका सुधारने के लिए एक अनूठी पहल की है। डीएफओ कुन्दन कुमार के नेतृत्व में, स्थानीय वॉलेन्टियर्स को पीलीभीत टाइगर रिजर्व का भ्रमण कराया गया। भ्रमण का उद्देश्य ग्रामीणों को ईको-टूरिज्म के सफल मॉडल्स से परिचित कराना था, ताकि वे अपने क्षेत्रों में रोजगार पैदा कर सकें।
हल्द्वानी। वन संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका सुधारने की दिशा में हल्द्वानी वन प्रभाग ने एक अनूठी पहल की है। डीएफओ कुन्दन कुमार एवं एसडीओ नन्धौर गणेश दत्त जोशी के निर्देशन में छकाता रेंज के विभिन्न गांवों के ईको डवलेपमेन्ट कमेटी (ईडीसी) सदस्यों और स्थानीय वॉलेन्टियर्स को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। छकाता रेंज के रेंजर पीके पंत ने बताया कि इस अंतर्राज्यीय भ्रमण के दौरान नवाडखेड़ा, देवलामल्ला, विजयपुर, पूर्वी खेड़ा, नकायल, हिम्मतपुर, लछमपुर, किशनपुर रैक्वाल और धार किशनपुर के ग्रामीणों ने पीलीभीत के मुस्तफाबाद और सेला ईडीसी के कार्यों को बारीकी से देखा।
प्रतिभागियों को वहां ईडीसी द्वारा संचालित कैंटीन, सोविनियर शॉप, वाहन पार्किंग, स्टे हट और नौका संचालन गतिविधियों की जानकारी दी गई।मॉडल से मिलेगी स्वरोजगार को प्रेरणाभ्रमण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को ईको-टूरिज्म के सफल मॉडल्स से रूबरू कराना था, ताकि वे अपने क्षेत्रों में भी इसी तरह की गतिविधियां शुरू कर स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा कर सकें। ग्रामीणों ने वन प्रभाग की इस पहल को बेहद सराहनीय बताया। उनका कहना है कि इस भ्रमण से उन्हें आत्मनिर्भर बनने और ईको-टूरिज्म के माध्यम से आर्थिकी मजबूत करने की नई दिशा मिली है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे प्रयासों से न केवल वनों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।


