हल्द्वानी की गौला नदी में रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब देवरामपुर निकासी गेट पर एक खनन कारोबारी ने ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी (गेट इंचार्ज) के साथ जमकर मारपीट की और उनका मोबाइल तोड़ दिया।
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इस घटना से आक्रोशित वन विकास निगम के कर्मचारियों ने लालकुआं से लेकर शीशमहल तक के सभी 11 निकासी गेटों पर कामकाज ठप कर दिया है।
कांटे की खराबी या नियम का उल्लंघन?
घटना रविवार दोपहर की है। जानकारी के अनुसार, देवरामपुर गेट पर करीब एक दर्जन वाहन बिना वजन (तौल) कराए ही नदी में प्रवेश कर गए। धर्मकांटे पर तैनात कर्मचारियों ने इसकी सूचना गेट इंचार्ज सौरभ मराठा को दी।
सौरभ मराठा ने मौके पर पहुंचकर बिना तौल अंदर गए वाहनों को वापस बुलाया और नियमानुसार फिर से गाड़ी तुलवाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि गाड़ियाँ लोड हो चुकी हैं, तो उन्हें खाली कर दोबारा तौल कराई जाए।
दूसरी ओर, देवरामपुर गेट के अध्यक्ष भगवान धामी का कहना है कि कांटे में तकनीकी खराबी थी, जिसकी वजह से गाड़ियों का वजन कंप्यूटर में दर्ज नहीं हो पाया। इसी बात को लेकर बहस शुरू हुई।
मारपीट और मोबाइल तोड़ना पड़ा भारी
बहस के दौरान एक खनन कारोबारी इस कदर आपे से बाहर हो गया कि उसने गेट इंचार्ज सौरभ मराठा के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। जब इंचार्ज ने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया।
इस खबर के फैलते ही वन निगम के कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने तुरंत देवरामपुर गेट बंद कर दिया। देखते ही देखते लालकुआं डिवीजन के सभी 11 गेटों पर सन्नाटा पसर गया और खनन निकासी पूरी तरह ठप हो गई।
पंजीकरण होगा निरस्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए लालकुआं कोतवाली पुलिस, वन विभाग और वन निगम के आला अधिकारी मौके पर पहुचे। डीएलएम (DLM) धीरेश बिष्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी काम में बाधा डालने और कर्मचारी के साथ अभद्रता करने के मामले में लालकुआं कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
उन्होंने घोषणा की है कि जिस वाहन स्वामी ने मारपीट की है, उसकी गाड़ी को तुरंत सीज किया जाएगा और गौला नदी में उसका स्थाई पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल देवरामपुर गेट सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और वन विभाग के कर्मचारी तैनात हैं।
अधिकारी कर्मचारियों को समझा-बुझाकर गेट खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारी आरोपी की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग पर अड़े हैं। इस हड़ताल के कारण सैकड़ों ट्रक लाइन में खड़े हैं, जिससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

