उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल ने हल्द्वानी में विकास परियोजनाओं पर गंभीर असर डाला है। हड़ताल के कारण रिंग रोड सर्वे, पेयजल योजनाएं, और पुल निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य रुक गए हैं। प्रमुख परियोजनाएं, जैसे जमरानी बांध और बलियानाला निर्माण, भी प्रभावित हो रहे हैं।
हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही हड़ताल का असर अब हल्द्वानी और आसपास की प्रमुख विकास परियोजनाओं पर साफ दिखने लगा है। हड़ताल के दसवें दिन बुधवार को जल संस्थान, जल निगम और यूयूएसडी समेत 24 विभागों के इंजीनियर भी आंदोलन में शामिल हो गए। इसके चलते हल्द्वानी में प्रस्तावित रिंग रोड सर्वे की टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। वहीं,सड़क, नहर कवरिंग और पुल निर्माण जैसे कार्य थमने लगे हैं, वहीं जमरानी बांध, बलियानाला और पेयजल योजनाओं की प्रगति पर भी हड़ताल का प्रभाव दिखना शुरू हो गया है। पेश है आपके प्रिय समाचार पत्र की हिन्दुस्तान की पड़ताल करती एक रिपोर्ट ।जमरानी
बांघ परियोजना : 32 इंजीनियर हड़ताल पर गएकरीब 2200 करोड़ रुपये की लागत से बन रही बहुप्रतीक्षित जमरानी बांध परियोजना पर भी हड़ताल का असर दिखाई देने लगा है। वर्ष 2024 में शुरू हुई यह परियोजना जून 2029 तक पूरी होनी है। निर्माण कार्य कर रही कंपनी लगातार काम कर रही है और हाल ही में 600 मीटर लंबी टनल आरपार हो चुकी है।हालांकि परियोजना की निगरानी कर रहे सिंचाई विभाग के चार ईई, दस एई और 18 जेई हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में विभाग में तैनात दो महिला एई ही फिलहाल कार्य देख रही हैं। अधिकारियों के अनुसार नियमित मापन और गुणवत्ता जांच प्रभावित होने से निर्माण कार्य की गति पर असर पड़ने लगा है।229 करोड़ के बलियानाला निर्माण की स्पीड मंदनैनीताल में भूस्खलन से सुरक्षा के लिए बलियानाला में चल रहे 229 करोड़ के उपचारात्मक कार्य भी प्रभावित हुए हैं। सिंचाई विभाग के एई प्रमोद पाठक के अनुसार परियोजना से जुड़े एक एई और तीन जेई के हड़ताल में जाने से कार्य की रफ्तार धीमी हो गई है।पीएमजीएसवाई : फेज-4 में वन हस्तांतरण थमेपीएमजीएसवाई सिंचाई खंड हल्द्वानी के एई एसएस पंत के मुताबिक धारी, कोटाबाग, रामनगर, ओखलकांडा और ऊधमसिंह नगर में चल रहे फेज-3 के कार्य प्रभावित होने लगे हैं, जबकि फेज-4 के वन भूमि हस्तांतरण और डीपीआर तैयार करने जैसे काम पूरी तरह रुक गए हैं।140 करोड़ की पेयजल परियोजनाओं पर असरजल निगम के एई वाईएस रावत ने बताया कि जिले के 55 इंजीनियर बुधवार से हड़ताल में शामिल हो गए हैं। इससे हल्द्वानी में चल रही करीब 140 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और ओवरहेड टैंक समेत लगभग 300 परियोजनाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।इंटरनेशनल स्टेडियम : 53 करोड़ की सुरक्षा दीवार प्रभावितगौला नदी के कटाव से प्रभावित इंटरनेशनल स्टेडियम की सुरक्षा के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से दीवार निर्माण का काम चल रहा है। बरसात से पहले सुरक्षा दीवार का काम बाढ़ बचाव के लेवल तक पूरा करना है। एई सुभाष जोशी के अनुसार, हड़ताल लंबी होने के कारण लक्ष्य प्रभावित होने की आशंका है।कठघरिया-पनियाली सड़क निर्माण एक हफ्ते से बंदलोनिवि हल्द्वानी में पनचक्की-कठघरिया-कमलुआगांजा तक करीब दस करोड़ की लागत से 8.2 किमी नहर को कवर करने का काम कर रहा है। इंजीनियरों की गैरमौजूदगी में काम धीमा हो गया है। वहीं एई आनंद गिरी के अनुसार कठघरिया से पनियाली तक 1.7 किमी सड़क निर्माण का काम एक सप्ताह से पूरी तरह ठप है।कालाढूंगी में निहाल नदी पर पुल का लेंटर अटकाहल्द्वानी-देहरादून मार्ग पर कालाढूंगी के पास निहाल नदी पर बन रहे पुल का लेंटर डालने का काम रुक गया है। लोनिवि के जेई गणेश रौतेला के अनुसार इंजीनियरों की अनुपस्थिति में निर्माण का तकनीकि काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।बोले जिम्मेदारी अधिकारीसिंचाई विभाग हल्द्वानी के ईई दिनेश रावत और लोनिवि के ईई प्रत्यूष कुमार ने बताया कि इंजीनियरों की हड़ताल के चलते कई निर्माण कार्य प्रभावित होने लगे हैं। स्टेडियम के पास सुरक्षा दीवार और नहर कवरिंग में नई आरसीसी आदि काम नहीं हो पा रहे हैं। मानसून से पूर्व निर्धारित लक्ष्य अधूरा पड़ने का खतरा बढ़ गया है। ईई प्रत्यूष ने बताया कि रिंग रोड सर्वे के लिए टेंडर हो चुके हैं, लेकिन टेंडर का निस्तारण और मूल्यांकन बिना एई के संभव नहीं है।

