हल्द्वानी में शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले की व्यवस्थाओं को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष, पर्यटन सीजन की तैयारियों और कानून-व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। साथ ही पर्यटन सीजन को देखते हुए सड़क, ट्रैफिक, पार्किंग और शटल सेवा को लेकर भी ठोस तैयारी करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा कानून-व्यवस्था, पेयजल, बिजली, सिंचाई और जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि इसके लिए स्थायी समाधान विकसित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को जागरूक किया जाए और ऐसी व्यवस्थाएं बनाई जाएं जिससे ग्रामीणों को जंगलों में जाने की जरूरत कम पड़े।
संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग और अलर्ट सिस्टम लगाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही वन विभाग और पुलिस की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
पर्यटन सीजन के लिए कड़ी तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रामनगर, हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
साथ ही सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने, ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने, शटल सेवा शुरू करने और वैकल्पिक पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्यटन सीजन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सख्ती
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने 24×7 निगरानी रखने, नियमित चेकिंग अभियान चलाने और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर जोर दिया। साफ कहा गया कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जमरानी बांध और बिंदुखत्ता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने जमरानी बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इससे तराई-भावर क्षेत्र में पेयजल समस्या का समाधान होगा और भूजल स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है और संबंधित प्रस्ताव जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली-पानी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
ग्रीष्मकाल और मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विद्युत स्टेशनों में आवश्यक उपकरण सुनिश्चित करने और संभावित संकट से पहले तैयारी पूरी करने को कहा।
साथ ही सिंचाई विभाग समेत अन्य एजेंसियों को भी अपने कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि आने वाले मौसम में किसी तरह की समस्या न हो।

