
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में पीजी की सीटों का ‘शतक’ लगाने की तैयारी
हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज ने पीजी सीटों की संख्या 82 से बढ़ाकर 109 करने की तैयारी की है। इसके लिए 27 नई सीटें जोड़ने का प्रस्ताव एनएमसी को भेजा जा रहा है। इससे डॉक्टरों की कमी दूर होगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

हल्द्वानी। प्रदेश का प्रतिष्ठित राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी जल्द ही पीजी की सीटों का ‘शतक’ लगाने की तैयारी में है। कॉलेज प्रबंधन ने पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की 27 सीटें बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को आवेदन भेजने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यदि एनएमसी से हरी झंडी मिलती है, तो कॉलेज में पीजी सीटों की संख्या 82 से बढ़कर 109 हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने फिलहाल सात विभागों में सीटों की वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है। अस्थि रोग (ऑर्थोपेडिक) विभाग में तीन सीटों के लिए आवेदन किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त माइक्रोबायोलॉजी, स्त्री एवं प्रसूति रोग (गाइनी), कम्युनिटी मेडिसिन, नेत्र रोग (ऑप्थल्मोलॉजी), रेस्पिरेटरी मेडिसिन और सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में 4-4 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है।दूर होगा विशेषज्ञ डॉक्टरों का संकटविशेषज्ञों के अनुसार, पीजी सीटों में इस बढ़ोतरी से न केवल मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों में रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी दूर होगी, बल्कि भविष्य में राज्य को अधिक संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक मिल सकेंगे। वर्तमान में कई विभागों में अत्यधिक कार्यभार के कारण डॉक्टरों की कमी महसूस की जा रही है। सीटों की संख्या बढ़ने से हल्द्वानी और कुमाऊं मंडल के मरीजों को सुलभ और त्वरित विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा।सात विभागों में पीजी की 27 सीटें बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा, तो मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों का आंकड़ा 100 के पार पहुंच जाएगा। इससे सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी।- डॉ. जीएस तितियाल, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी



