5 लड़के और एक लड़की, सुनसान जगह और घंटों चली शराब की पार्टी। फिर आपसी झगड़ा और दो कत्ल। उत्तराखंड में प्रेमी जोड़े शुभम और लक्ष्मी के कत्ल की कहानी बेहद खौफनाक है। चारों दोस्तों ने शुभम और लक्ष्मी को पत्थरों से कुचल-कुलचकर मार डाला।
5 लड़के और एक लड़की, सुनसान जगह और घंटों चली शराब की पार्टी। फिर आपसी झगड़ा और दो कत्ल। उत्तराखंड में प्रेमी जोड़े शुभम और लक्ष्मी के कत्ल की कहानी बेहद खौफनाक है। चारों दोस्तों ने शुभम और लक्ष्मी को पत्थरों से कुचल-कुलचकर मार डाला। शराब पार्टी के दौरान खूनी झगड़ा क्यों और कैसे हुआ इसको लेकर शुरुआती जांच में कई तरह की बातें सामने आई हैं। आरोप है कि लक्ष्मी को हाथ लगाए जाने से शुभम भड़क उठा था, जिसके बाद दोनों को मार डाला गया।
गुरुवार सुबह हल्द्वानी की गल्ला मंडी में दो शव मिलने से हड़कंप मच गया। सुबह करीब पौने आठ बजे लोगों ने मंडी परिसर में युवक और युवती के शव पड़े होने की सूचना दी। दोनों शव बाहर खुले परिसर में पड़े थे, जिन्हें बुरी तरह कुचल दिया गया था। मौके पर पहुंची पुलिस को आसपास खून के निशान और एक बड़ा पत्थर मिला। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। शवों के आसपास मिले आधार कार्ड से युवक की शिनाख्त 31 वर्षीय शुभम कुमार टम्टा पुत्र केएल टम्टा मूल निवासी लोअर माल रोड तल्ला खोल्टा अल्मोड़ा और युवती की 19 वर्षीय लक्ष्मी पोखरिया पुत्री हेम चंद्र पोखरिया निवासी तल्ली पोखरी ओखलकांडा नैनीताल के रूप में हुई। दोनों किराये के कमरे में लिव-इन में रहते थे।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बताया कि उस शाम शुभम और लक्ष्मी अपने चार दोस्तों के साथ मंडी परिसर में सुनसान स्थान पर शराब पीने गए थे। देररात तक शराब पार्टी चली। इस दौरान हुए झगड़े में शुभम को पत्थरों से कूच-कूचकर मार डाला तो फिर सबूत मिटाने के लिए लक्ष्मी को भी बेरहमी से मार डाला। हत्या के बाद सभी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों 25 वर्षीय गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर और 20 वर्षीय दीपू शर्मा उर्फ ध्रुव दोनों निवासी निवासी वसुंधरा कॉलोनी बरेली रोड धान मिल, 20 वर्षीय सौरभ भट्ट उर्फ भटिया निवासी तीनपानी खन्ना फार्म डी क्लास बरेली रोड, 25 वर्षीय दीपेश लटवाल उर्फ राज निवासी उत्तरांचल विहार बड़ी मुखानी पीलीकोठी हल्द्वानी को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल वाली गलती से पकड़े गए
शुभम और लक्ष्मी की निर्मम हत्या करने के बाद आरोपी एक गलती कर बैठे। आरोपी दीपू व अक्कू मृतक शुभम व लक्ष्मी का मोबाइल भी अपने साथ ले गए थे। पुलिस ने शुभम का फोन जब ट्रेस किया तो आरोपियों की लोकेशन सर्विलांस से पता लगी। इसी आधार पर पुलिस को उन्हें गोरापड़ाव से दबोचा।
लक्ष्मी को छूने पर भड़का था शुभम, दीपू से पहले भी हुआ था झगड़ा
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि घटना रात करीब साढ़े बारह बजे की है। गोदाम की छत पर पार्टी के दौरान दीपू उर्फ ध्रुव का शुभम के साथ विवाद हो गया। चार माह पूर्व शुभम ने दीपू के पापा पर गलत टिप्पणी की थी। उसी रंजिश में दीपू ने गाली गलौज कर दी। विवाद के बीच जब शुभम और उसकी प्रेमिका लक्ष्मी गुस्सा होकर निकल रहे थे तो दोस्तों को यह नागवार गुजरा। बताया जा रहा है कि सीढ़ी से नीचे उतरने के दौरान लक्ष्मी फिसलकर गिर गई। जिसे दोस्तों ने उठाया तो शुभम भड़क किया। उसने दोस्तों से कहा उसकी प्रेमिका को कैसे हाथ लगाया। इस पर विवाद और बढ़ गया। इसके बाद चारों ने मिलकर शुभम पर पत्थर से वार कर उसे मौत के घाट उतारा। वहीं चीख पुकार कर रही लक्ष्मी का मुंह भी बंद कर उसी तरह उसकी भी हत्या कर दी।
कैसे मंडी में पहुंचे पार्टी करने
एसपी क्राइम डॉ.जगदीश चंद्र ने बताया कि शुभम और दीपेश पहले ही नशे में थे। तभी शुभम ने लक्ष्मी को कॉल किया और पार्टी करने की बात कही तो उसने भी साथ चलने को कहा। पहले तो लक्ष्मी के कमरे में ही पार्टी की बात हुई, पर उसने मना कर दिया। इसके बाद लक्ष्मी को लेकर शुभम मंडी पहुंचा। इस बीच शुभम ने अक्कू को फोन कर पार्टी की बात कही। तब अक्कू किसी दूसरी जगह पार्टी में था। शुभम के कहने पर वह बोतल लेकर मंडी पहुंचा। लक्ष्मी अपने साथ खाना, स्नैक्स लेकर पहुंची थी। पार्टी के दौरान दीपू व शुभम में किसी बात पर विवाद हो गया। जिसमें अक्कू भी कूदा और उसने दोनों को थप्पड़ मार दिया। इस पर शुभम ने गुस्से में शराब उसके ऊपर थूक दी। इसके बाद सभी शुभम पर टूट पड़े। एसपी के अनुसार, शुभम और लक्ष्मी के चेहरे पर दोस्तों ने पास ही पड़े करीब 25 किलो वजनी पत्थर से ताबड़तोड़ वार किए। पूरा घटनाक्रम 15 से 20 मिनट के भीतर हुआ।
दिमाग की नसों तक पत्थरों के वार का असर
शुभम व लक्ष्मी के शवों का तीन डॉक्टरों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस के अधिकारी व परिजन मौजूद रहे। चेहरे के अलावा सिर में आगे और पीछे चोट के निशान थे। बताया जा रहा है दिमाग की नसों तक पत्थर के वार का असर हुआ।
शुभम पर दो मुकदमे
पुलिस के मुताबिक शुभम पहले से नशे का आदी था। इसी लत के चलते उसने अपनी मां के कान के कुंडल छीने थे। मामला अल्मोड़ा पुलिस तक पहुंचा था। एक बार शुभम को पुलिस ने चाकू के साथ गिरफ्तार किया और उस पर आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था।
चार घंटे चली थी पार्टी
पुलिस के मुताबिक रात आठ बजे शुरू हुई पार्टी चार घंटे चली थी। साढ़े बारह के आसपास विवाद हुआ। हत्या के बाद आरोपियों ने गोरापड़ाव की ओर जाते हुए कपड़े बदल लिए थे। पुलिस के अनुसार, चारों बरेली की ओर भागने की फिराक में थे।
पेशेवर अपराधी है अक्कू, 11 मुकदमे हैं दर्ज
मुख्य आरोपी अक्कू पेशेवर अपराधी है। उस पर जिले के अलग-अलग थानों में 11 मुकदमे दर्ज हैं। दीपेश लटवाल के खिलाफ भी तीन मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें दो एनडीपीएस और एक मारपीट का है। अन्य का भी पुलिस इतिहास खंगाल रही है।
संपन्न परिवार के शुभम को नशे की आदत ले डूबी
लोअर माल रोड सरकार की आली निवासी युवक की हल्द्वानी में हत्या की खबर मिलते ही नगर में सनसनी फैल गई। मृतक शुभम चार-पांच साल से हल्द्वानी में ही रहता था। वह चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था। मृतक के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक, 30 साल का शुभम कुमार टम्टा परिवार में सबसे छोटा था। शुभम के पिता स्व किशोरी लाल टम्टा पोस्टऑफिस में कार्यरत थे। माता सरकार की आली गांव की प्रधान रह चुकी थीं। शुभम की पढ़ाई अल्मोड़ा से हुई। गुरुवार सुबह जैसे ही क्षेत्र में शुभम की निर्मम हत्या की सूचना मिली तो हर कोई स्तब्ध रह गया। लोगों के मुताबिक शुभम की चार बड़ी बहनें हैं। तीन की शादी हो चुकी है, शुभम के बड़े भाई पिथौरागढ़ के एक पॉलिटेक्निक में कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार, संपन्न परिवार का शुभम हल्द्वानी में नशे की लत में पड़ गया। वह नशा मुक्ति केंद्र में भी भर्ती रहा था।
गांव की होनहार लड़की शहर की फिजा में भटकी
लक्ष्मी एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी की छात्रा थी। 19 दिसंबर को उसने तृतीय सेमेस्टर का आखिरी पेपर दिया था। सेकंड सेमेस्टर में उसके 50 फीसदी अंक थे। एक विषय में बैक थी। पुलिस के अनुसार, युवती शहर में पढ़ने आई तो गलत संगत में पड़ी गई। लक्ष्मी इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव थी। उसने कई तस्वीरें शेयर की थीं। उसकी तस्वीरों में शुभम के कमेंट थे, जिसपर लक्ष्मी ने रिप्लाई भी किया हुआ था। भाई सुरेश ने बताया कि उसकी बहन पढ़ाई में काफी होनहार थीं। लक्ष्मी दसवीं में 90 और 12वीं में 88 प्रतिशत अंकों से पास हुई थी। इसीलिए बीएससी में दाखिल लिया था। भाई के मुताबिक, पिता ज्योतिष हैं। कुछ समय पहले तक लक्ष्मी साथ रही, फिर उसने मुखानी में अलग कमरा ले लिया। लक्ष्मी आठ भाई बहनों में सबसे छोटी थी। पिता की दो शादियां हैं। भाई ने भावुक होकर हत्यारों को फांसी की मांग की।

