इस कॉरिडोर के बनने से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों का लाभ होगा. इससे पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच माल ढुलाई तेज और आसान हो जाएगी. मालगाड़ियों का समय कम लगेगा और मौजूदा रेलवे लाइनों पर भीड़ कम होगी. लॉजिस्टिक्स ज्यादा तेज और प्रभावी बनेगी.
6 राज्य, 2100 किलोमीटर की लंबाई… डानकुनी-सूरत फ्रेट कॉरिडोर से बदल जाएगी तस्वीर, तेजी से शुरू हुआ काम
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