ग्रेटर नोएडा: बेटिंग ऐप से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, नेपाली नागरिक समेत 6 गिरफ्तार

Date:

ग्रेटर नोएडा स्थित स्पेशल टास्क फोर्स नोएडा यूनिट ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है. एसटीएफ ने इस गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. खास बात यह है कि इन्हीं आरोपियों के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जो नोएडा के विभिन्न स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल से जुड़े रिकवरी मेल में प्रयोग किया गया था. गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल और भारत के नागरिक शामिल हैं, जो गाजियाबाद के इंदिरापुरम और शाहबेरी क्षेत्र में रहकर कॉल सेंटर के रूप में अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क संचालित कर रहे थे.

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नोएडा राजकुमार मिश्र का कहना है कि 23 जनवरी को जनपद गौतमबुद्धनगर के विभिन्न स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए थे. इस मामले में साइबर क्राइम थाना गौतमबुद्धनगर में बीएनएस एवं आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ नोएडा इकाई को जांच सौंपी गई थी.

यह भी पढ़ें: 5 राज्यों में फैले ड्रग कार्टेल का दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश, 50 करोड़ की साइकोट्रोपिक ड्रग्स जब्त

सम्बंधित ख़बरें

जांच में सामने आया कि धमकी भरा मेल यूएसए से ओरिजिनेट हुआ था. हालांकि तकनीकी पड़ताल में यह भी पता चला कि उससे जुड़ा रिकवरी ई-मेल बांग्लादेश और भारत से लिंक था. आगे की जांच में रिकवरी मेल का कनेक्शन थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी इलाके से जुड़ा पाया गया. इसी के आधार पर शुक्रवार को एसटीएफ ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

कॉल सेंटर की आड़ में चला रहे थे बेटिंग का खेल

एसटीएफ टीम ने शाहबेरी स्थित आरोपियों के संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारा तो वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए. पूछताछ के लिए सभी संदिग्धों को एसटीएफ कार्यालय लाया गया. गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के लिए कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे. यह गिरोह अमेरिकी नामों से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर ग्राहकों से संपर्क करता था.

मोबाइल और लैपटॉप में बड़ी संख्या में ऐसी ई-मेल आईडी लॉगिन मिलीं. आरोपी वीपीएन और फेक जीपीएस लोकेशन ऐप का इस्तेमाल कर अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाते थे. यह लोग मुख्य रूप से अमेरिका, भारत और नेपाल के नागरिकों को ऑनलाइन बेटिंग में निवेश के लिए प्रेरित करते थे. लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल की जाती थी. आरोपियों द्वारा कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म को टेक सपोर्ट भी दिया जा रहा था.

गिरफ्तार आरोपियों में अमीष जंग कारकी (नेपाल), अनन्त कुमार (आगरा), दिव्याशु (बिहार), साहिल कुमार (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल) और केदारनाथ (नेपाल) शामिल हैं. इनके पास से चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक चेकबुक, नेपाली पैन कार्ड, नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और 19500 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई है.

यह भी पढ़ें: विदेश से साजिश, ड्रोन से हथियार और ISI की प्रॉक्सी वॉर… पंजाब में PAK की नापाक साजिश का पर्दाफाश

पूछताछ में मुख्य आरोपी अमीष ने बताया कि वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है. उसने 2019-20 में ऑस्ट्रेलिया से बीबीए किया है. वर्ष 2023 में उसने देवराज नामक व्यक्ति के साथ गेममानो कंपनी में काम किया था. सोशल मीडिया के जरिए अनन्त को जोड़ा गया, जो पूर्व में नोएडा स्थित धनी ऐप ऑफिस में कार्यरत था. वहीं अनन्त और दिव्याशु इंटरमीडिएट पास हैं. इनकी उम्र करीब 25 वर्ष है. वहीं लेखनाथ और केदारनाथ ने नेपाल और ऑस्ट्रेलिया से एमबीए की पढ़ाई की है. पुलिस के अनुसार पढ़े-लिखे युवाओं द्वारा संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था.

एसटीएफ को आरोपियों के कब्जे से वह मोबाइल फोन मिला है, जो धमकी भरे ई-मेल से जुड़े रिकवरी मेल में इस्तेमाल हुआ था. इस मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या धमकी भरे ई-मेल और बेटिंग नेटवर्क का कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना सूरजपुर गौतमबुद्धनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है. पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है. एसटीएफ यह भी जांच कर रही हैं कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम ट्रांजैक्शन के जरिए बाहर भेजी गई. बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की भी जांच की जा रही है. आरोपी कबसे गिरोह को संचालित कर रहे थे इसकी जांच की जा रही है.
 

—- समाप्त —-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related