जंगल से शहर तक बढ़ते खतरे पर सख्त सीएम धामी, पर्यटन और कानून व्यवस्था पर कड़े निर्देश
हल्द्वानी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर चिंता जताते हुए स्थायी समाधान के निर्देश दिए। पर्यटन सीजन और कानून व्यवस्था को लेकर गड्ढामुक्त सड़कों, सोलर फेंसिंग, अलर्ट सिस्टम और 24×7 क्विक रिस्पॉन्स टीम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पर्यटन और कानून व्यवस्था पर कड़े निर्देश
Haldwani: हल्द्वानी के सर्किट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के प्रशासन, पुलिस, वन और विकास विभाग के अधिकारियों के साथ कई अहम मुद्दों पर समीक्षा की। बैठक में मानव वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं, आने वाले पर्यटन सीजन की तैयारियों और कानून व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मानव वन्यजीव संघर्ष के मामलों पर गंभीर चिंता
बैठक के दौरान मानव वन्यजीव संघर्ष के मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन घटनाओं को रोकने के लिए अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों को जंगल जाने की मजबूरी खत्म करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। साथ ही हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से इन घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में सोलर फेंसिंग और अलर्ट सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया ताकि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रह सकें।
प्रभावित लोगों को मुआवजा
बैठक में यह भी बताया गया कि मानव वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है और पशु हानि के मामलों में भी भुगतान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नैनीताल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ वन क्षेत्रों के पास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता है।
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पुलिस की संयुक्त टीमों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश
रामनगर, हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने, ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने और पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। शटल सेवा और वैकल्पिक पार्किंग स्थलों को भी सक्रिय करने को कहा गया है, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। लगातार चेकिंग अभियान चलाने और हर क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जमरानी बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने से तराई और भावर क्षेत्र में पेयजल की समस्या दूर होगी, भूजल स्तर में सुधार आएगा और बाढ़ से भी राहत मिलेगी। साथ ही पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मानसून के दौरान किसी तरह की समस्या सामने
अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई और इसे जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बिजली और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा, ताकि गर्मी और मानसून के दौरान किसी तरह की समस्या सामने न आए।
बैठक के अंत में विभिन्न जनप्रतिनिधियों से भी क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली गई और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।

