वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए नंधौर वन्यजीव अभयारण्य अब और भी खास होने जा रहा है। हल्द्वानी वन प्रभाग ने वन्यजीव संरक्षण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए चोरगलिया और ककराली गेट पर ‘नंधौर जैव-विविधता गैलरी’ की स्थापना की है। यह गैलरी न केवल
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खासियत: हाई-क्वालिटी तस्वीरों के साथ मिलेगी वैज्ञानिक जानकारी गैलरी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां आने वाले पर्यटक और छात्र जंगल की गहराई को समझ सकें।
जीव-जंतुओं का संसार: गैलरी में नंधौर के स्तनधारी जीवों, दुर्लभ पक्षियों, रंग-बिरंगी तितलियों और सरीसृपों की उच्च गुणवत्ता वाली ‘इंटरप्रिटेटिव’ तस्वीरें लगाई गई हैं। हर तस्वीर के साथ उसकी वैज्ञानिक जानकारी बेहद सरल भाषा में दी गई है, ताकि बच्चों से लेकर शोधार्थियों तक, हर कोई इसे आसानी से समझ सके।
विरासत अनुभाग: जब ट्राम से ढोई जाती थी लकड़ी इस गैलरी का सबसे बड़ा आकर्षण इसका ऐतिहासिक अनुभाग है। पुराने समय में जंगलों से लकड़ी लाने के लिए इस्तेमाल होने वाली ट्राम प्रणाली की दुर्लभ तस्वीरें और जानकारी।
बूम संरचनाएं: नदियों के रास्ते लकड़ी के परिवहन को नियंत्रित करने वाली ‘बूम’ तकनीक का विवरण। पुरानी यादें: अंग्रेजों के जमाने के वन विश्राम गृहों (FRH) के दुर्लभ फोटोग्राफ और अभिलेखीय दस्तावेज।

