कबाड़ वाहनों का अब बिना स्क्रैपर प्रमाणपत्र नहीं होगा रजिस्ट्रेशन निरस्त

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कबाड़ वाहनों का अब बिना स्क्रैपर प्रमाणपत्र नहीं होगा रजिस्ट्रेशन निरस्त

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हल्द्वानी में कबाड़ घोषित ऑटो को सड़क पर चलाने पर सख्ती बढ़ी है। अब वाहन को कबाड़ घोषित करने के लिए अधिकृत स्क्रैपर से प्रमाणपत्र और शपथपत्र देना अनिवार्य होगा। हाल ही में एक ऑटो पकड़ा गया जो कबाड़ घोषित था, लेकिन चल रहा था। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और असुरक्षित वाहनों की संख्या कम होगी।

कबाड़ वाहनों का अब बिना स्क्रैपर प्रमाणपत्र नहीं होगा रजिस्ट्रेशन निरस्त

— हल्द्वानी में ‘कबाड़’ ऑटो सड़क पर मिलने के बाद सख्ती — अधिकृत स्क्रैपर से प्रमाण और शपथपत्र देना हुआ अनिवार्यहिन्दुस्तान का असर :हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। आरटीओ रिकॉर्ड में ‘कबाड़’ घोषित वाहन के सड़क पर दौड़ते मिलने के मामले ने अब प्रदेश स्तर पर सख्ती बढ़ा दी है। आपके प्रिय समाचार पत्र हिन्दुस्तान ने ‘जान का जोखिम’ अभियान के तहत हुए खुलासे के बाद बीते दिनों परिवहन मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब किसी भी वाहन को कबाड़ घोषित करने के लिए अधिकृत स्क्रैपर (कबाड़ी) का प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। केवल कागजी प्रक्रिया या चेसिस नंबर जमा कराने के आधार पर वाहन को कबाड़ नहीं माना जाएगा।यह

कार्रवाई तब तेज हुई जब बीती पांच अप्रैल को एआरटीओ प्रवर्तन टीम ने देवलचौड़ क्षेत्र में एक ऑटो रिक्शा पकड़ा, जो रिकॉर्ड में 31 दिसंबर 2024 को कबाड़ घोषित हो चुका था, लेकिन सड़कों पर चल रहा था। टीम ने वाहन सीज कर 17 हजार रुपये का चालान किया। मामले के उजागर होने के बाद मुख्यालय ने सभी आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।अब नए नियमों के तहत वाहन स्वामी को अधिकृत स्क्रैपर से वाहन नष्ट (स्क्रैप) होने का प्रमाणपत्र देना होगा। इसके साथ ही शपथपत्र भी जमा करना होगा कि वाहन पूरी तरह कबाड़ किया जा चुका है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और सड़कों पर असुरक्षित वाहनों की संख्या कम होगी।हालांकि, फिलहाल हल्द्वानी में अधिकृत स्क्रैपर की सुविधा नहीं होने से लोगों को हरिद्वार या देहरादून जाना पड़ सकता है। एआरटीओ प्रशासन बिपिन सिंह ने नये निर्देशों की पुष्टि की है।——————-हरिद्वार और दून में सिर्फ पांच पंजीकृत स्क्रैपरआरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे ने बताया कि उत्तराखंड में अभी केवल चार हरिद्वार और एक देहरादून में अधिकृत स्क्रैपर पंजीकृत हैं। हल्द्वानी से भी स्क्रैप कारोबारियों के आवेदन आए हैं, जिनकी प्रक्रिया जारी है। पंजीकरण बढ़ने के बाद स्थानीय स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।

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