सीवर के कार्य की धीमी रफ्तार से परेशान व्यापारी

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सीवर के कार्य की धीमी रफ्तार से परेशान व्यापारी

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:::::बोले हल्द्वानी::::: – बेलवाल मार्केट में नहीं परा हुआ डक्ट बनाने का कार्य –

सीवर के कार्य की धीमी रफ्तार से परेशान व्यापारी

:::::बोले हल्द्वानी::::: – बेलवाल मार्केट में नहीं परा हुआ डक्ट बनाने का कार्य- बाद में शुरू हुआ काम पूरा होने की कगार पर- व्यापारियों ने बोला अव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा काम- बाजार में आ रहे ग्राहकों को हो रही दिक्कतेंकॉमन इंट्रो::शहर के मुख्य बाजार में पिछले 5 महीनों से चल रहा सीवर डक्ट निर्माण कार्य स्थानीय व्यापारियों और जनता के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। निर्माणदायी संस्था की खराब प्लानिंग और कछुआ चाल के कारण न केवल बाजार का व्यापार चौपट हो रहा है, बल्कि खुली नालियों से निकले नुकीले सरिए किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं।

विडंबना यह है कि बिना पूर्व सर्वे के खुदाई कर दी गई और अब बिजली के ट्रांसफार्मर को बाधा बताकर बेलवाल मार्केट में काम ठप कर दिया गया है। वहीं, टूटी सीवर लाइन और नालियों में जमा कचरे के कारण प्रशासन द्वारा निर्दोष व्यापारियों पर जुर्माना थोपा जा रहा है, जिससे कारोबारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।मुख्य खबर:::शहर के मुख्य बाजार में पिछले 5-6 महीनों से चल रहा सीवर डक्ट निर्माण कार्य अब व्यापारियों और आम जनता के लिए मुसीबत बन गया है। निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं और खराब प्लानिंग के कारण व्यापारियों का धैर्य जवाब दे रहा है। विशेषकर बेलवाल मार्केट क्षेत्र में काम अधूरा छोड़कर दूसरी जगह शुरू कर दिए जाने से दुकानदार बेहद नाराज हैं। व्यापारियों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने बेलवाल मार्केट के पास खुदाई कर काम बीच में ही रोक दिया है, जबकि उसके बाद शुरू हुए शारदा मार्केट का काम अब पूरा होने की कगार पर है। बेलवाल मार्केट के सामने नालियां अभी भी खुली पड़ी हैं, जिनसे नुकीले सरिए बाहर निकले हुए हैं। इससे हर समय बड़े हादसे का डर बना रहता है और ग्राहकों का दुकान तक पहुँचना दूभर हो गया है। जब व्यापारियों ने काम रुकने का कारण पूछा, तो संस्था की ओर से अजीबोगरीब तर्क दिया गया। कार्यदायी संस्था का कहना है कि सड़क पर बिजली का ट्रांसफार्मर लगा है, जिसकी वजह से आगे काम नहीं किया जा सकता। इस पर व्यापारियों ने तीखा पलटवार करते हुए पूछा कि क्या संस्था को खुदाई से पहले यह ट्रांसफार्मर दिखाई नहीं दिया? व्यापारियों का कहना है कि यदि ट्रांसफार्मर बाधा था, तो पहले उसे हटवाने की प्रक्रिया होनी चाहिए थी, न कि खुदाई करके बाजार को गड्ढों में तब्दील करना। निर्माण कार्य के दौरान बेलवाल मार्केट की पुरानी सीवर लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसे अभी तक ठीक नहीं किया गया है। सीवर लाइन बंद होने के कारण नालियों में गंदगी जमा हो रही है। व्यापारियों ने दो टूक कहा है कि पहले टूटी हुई सीवर लाइन को दुरुस्त किया जाए। खुली नालियों और निकले हुए सरियों को तुरंत ढका जाए। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि पूरा प्रोजेक्ट बिना किसी योजना के चल रहा है। पहले खोदे गए स्थान का काम पूरा करने के बजाय दूसरी जगह काम शुरू करना समझ से परे है। डक्ट निर्माण की धीमी गति और अधूरी खुदाई के कारण मुख्य बाजार का व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।ग्राहकों को हो रही दिक्कतेंमुख्य बाजार में इन दिनों चल रहा सीवर डक्ट निर्माण का कार्य स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों के लिए जी का जंजाल बन गया है। काम की कछुआ चाल से परेशान कारोबारियों ने नगर प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है। व्यापारियों का कहना है कि सड़क पर खुदाई और निर्माण सामग्री के बिखरे होने के कारण दुकानदारी पूरी तरह चौपट हो गई है। बताया कि सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढों और उड़ती धूल के कारण ग्राहकों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि, काम इतना धीमा चल रहा है कि महिनों से सड़कें खुदी पड़ी हैं। स्थिति यह हो गई है कि हमारे नियमित ग्राहकों ने अब बाजार आना ही बंद कर दिया है। लोग गंदगी से बचने के लिए दूसरे इलाकों का रुख कर रहे हैं।बिना प्लानिंग के शुरू किया काम, अब ट्रांसफार्मर बना सीवर लाइन की राह में रोड़ाबाजार में सीवर डक्ट बनाने का काम अब सरकारी विभागों की आपसी तालमेल की कमी और खराब प्लानिंग की भेंट चढ़ गया है। कार्यदायी संस्था ने बिना किसी सर्वे के बाजार की मुख्य सड़क तो खोद दी, लेकिन अब रास्ते में खड़ा एक बिजली का ट्रांसफार्मर काम में सबसे बड़ी बाधा बन गया है। इस वजह से काम पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे व्यापारियों और आम जनता की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं। स्थानीय कारोबारियों का आरोप है कि काम शुरू करने से पहले संबंधित संस्था ने मौके का मुआयना तक नहीं किया। सीवर लाइन डालने के लिए गहरी खुदाई कर दी गई, लेकिन जब काम आगे बढ़ा तो बीच रास्ते में बिजली का भारी-भरकम ट्रांसफार्मर आ गया। अब स्थिति यह है कि जब तक बिजली विभाग इस ट्रांसफार्मर को यहाँ से शिफ्ट नहीं करता, तब तक सीवर डक्ट का काम पूरा नहीं होगा। व्यापारियों का कहना है पहले ही काम की रफ्तार धीमी थी, और अब ट्रांसफार्मर के बहाने काम रोक दिया गया है। पहले सड़क खोदी गई और अब कह रहे हैं कि बिजली विभाग इसे हटाएगा। क्या यह बात काम शुरू करने से पहले नहीं पता थी? अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।नालियों में पसरा कूड़ा, व्यापारियों पर जुर्माने की मारव्यापारियों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के उद्देश्य से खोदी गई नालियां अब कचरे के ढेर में तब्दील हो गई हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। बिना किसी ठोस जांच के प्रशासन द्वारा दुकानदारों पर जुर्माना थोपा जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष है। व्यापारियों ने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि प्रशासन ने विकास कार्य के नाम पर सड़कों को खोद तो दिया, लेकिन उन्हें सही समय पर काम पूरा कर बंद नहीं किया गया। अब इन खुली नालियों में बाजार में आने वाले ग्राहक और देर रात को शरारती तत्व कूड़ा डाल रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कूड़ा बाहर के लोग डालते हैं, लेकिन जब प्रशासन की टीम निरीक्षण के लिए आती है, तो सारा दोष हमारे मत्थे मढ़ दिया जाता है। हमसे सफाई व्यवस्था का हवाला देकर भारी जुर्माना वसूला जा रहा है, जो सरासर अन्याय है।पांच शिकायतें- धीमी रफ्तार के काम से परेशान हुए व्यापारी- काम शुरू करने से पहले क्यों नहीं हटाया गया ट्रांसफार्मर- काम के चलते व्यापार बुरी तरह हो रहा प्रभावित- खुदाई के दौरान टूटी पेयजल लाइन को विभाग नहीं कर रहा ठीक- एक जगह का काम पूरा किए बीना दूसरी जगह शुरू किया कामपांच सुझाव- व्यापारियों ने काम को तेजी से पूरा करने को कहा- काम शुरू करने से पहले ट्रांसफार्मर को हटाया जाना चाहिए था- प्लानिंग के तहत किया जाए पूरा काम- खुदाई के दौरान टूटी पेयजल लाइन को विभाग स्वयं करे ठीक- पहले एक जगह का काम पूरा करे फिर दूसरा काम शुरू करे विभागबोले लोग:::बिना किसी ठोस प्लानिंग के बाजार को खोदकर छोड़ दिया गया है। एक जगह का काम रोककर दूसरी जगह शिफ्ट होना समझ से परे है। विभाग की इस मनमानी से व्यापारियों का करोड़ों का नुकसान हो रहा है।- अंकुर गुप्तादुकान के ठीक सामने गहरे गड्ढे और निकले हुए सरिए मौत को दावत दे रहे हैं। कोई भी गिरकर चोटिल हो सकता हैं। अगर कोई बड़ा हादसा हुआ, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? प्रशासन गहरी नींद में है।- गगन गुप्ताखुली नालियों में लोग कूड़ा फेंक रहे हैं, लेकिन जुर्माना हम पर लगाया जा रहा है। यह सरासर तानाशाही है। कूड़ा डालने वालों को पकड़ने के बजाय व्यापारियों को प्रताड़ित करना प्रशासन का दोहरा मापदंड है।- प्रमोद बेलवालदिन भर उड़ती धूल ने हमारा स्वास्थ्य और सामान दोनों खराब कर दिए हैं। ग्राहक गंदगी देखकर दुकान में घुसने से कतराते हैं। दुकान में आने के लिए रास्ता भी नहीं है। तख्तें लगाकार हमने रास्ता बनाया है।- मोह आसीमसीवर लाइन टूटने से बाजार में नरकीय स्थिति है। प्रशासन डक्ट बनाने चला था, लेकिन जो पुरानी व्यवस्था थी, उसे भी पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया है। अब ये काम कब पूरा होगा किसी को नहीं पता।- हरीश नेगीरात के अंधेरे में लोग नालियों में कचरा डाल जाते हैं। प्रशासन की टीम आकर हमें धमकाती है। प्रशासन को चाहिए कि पहले निर्माण कार्य पूरा कर नालियां ढके, ताकि गंदगी का कोई रास्ता ही न बचे।- नीमा बेलवालअधिकारियों की आपसी तालमेल की कमी का खामियाजा जनता भुगत रही है। बिजली विभाग और निर्माण विभाग की खींचतान में हमारा सीजन बर्बाद हो गया। अब ट्रांसफार्मर हटने के नाम पर महीनों काम लटकाया जाएगा।- अरुन बेलवालपिछले पांच माह से सड़क खुदी हुई है जिससे व्यापार पर बुरी तरह असर पड़ रहा है। दुकानों में आने के लिए तक रास्ते नहीं है। हम लोगों ने लकड़ियों के तख्तें लगाकर रास्ता बनाया है। ऐसे में ग्राहक भी दुकानों पर आने से बच रहे है।- चंदन पलड़ियाबाजार में सुरक्षा का माहौल खत्म हो गया है। सड़कों पर पड़े मलबे और सरियों के कारण पैदल चलना भी जोखिम भरा है। त्योहारों के समय भी बाजार की हालत ऐसी है, जैसे कोई खंडहर हो।- योगेश पंतट्रांसफार्मर का बहाना बनाकर काम रोकना कार्यदायी संस्था की नाकामी है। क्या खुदाई से पहले उन्हें यह खंभा नहीं दिखा? अब बिजली विभाग और कार्यदायी संस्था एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर हमें गुमराह कर रहे हैं।- प्रदीप खंडेलवालकछुआ चाल से चल रहे इस काम ने ग्राहकों का मोह भंग कर दिया है। लोग अब मॉल या दूसरे बाजारों में जाने लगे हैं। हमारी नियमित ग्राहक संख्या 70 प्रतिशत तक कम हो गई है। दुकानों में आने के रास्ते भी टूटे हुए है।- कामरान खानहम चाहते है कि काम उचित तरीके से अच्छे से जल्द पूरा किया जाए। काम की अच्छे से प्लानिंग कर काम करना चाहिए। सीवर लाइन जो टूटी हुई है पहले उसे ठीक करे फिर बाकि काम पूरे करें।- पवन सिंघलनिर्माण कार्य की गति इतनी धीमी है कि 5-6 महीने बीत जाने के बाद भी हम वहीं खड़े हैं जहाँ से शुरू किया था। कार्यदायी संस्था की इस कछुआ चाल ने पूरे बाजार की कमर तोड़ दी है। काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए।- श्याम सिंह मेहराबिना किसी सर्वे के खुदाई करना अधिकारियों की बड़ी लापरवाही है। अब ट्रांसफार्मर का रोड़ा अटका कर व्यापारियों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो हम सड़कों पर उतरेंगे।- सैफी सिद्दकीकाम काफी ज्यादा धीमी गति से हो रहा है। वैसे ही मार्केट डाउन चल रहा था अब और अब खुदाई ने काम को और प्रभावित कर दिया है। हम चाहते है कि काम समय से हो जाए और सही तरीके से हो।- जतिन जैनबाजार में सीवर डक्ट का काम किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं लग रहा। महीनों से सड़कें खुदी पड़ी हैं, लेकिन काम में जरा भी तेजी नहीं दिखती। काम की धीमी गति के कारण उड़ने वाली धूल ने व्यापारियों व ग्राहकों को परेशान कर दिया है।- राम दत्त उप्रेती————बोले जिम्मेदार::बिजली के ट्रांसफार्मर को रास्ते से हटाने के लिए यूपीसीएल से बात की गई है। इसके अलावा कुछ लोगों के सीवर कनेक्शन बीच में आ रहे है जिसे लोगों को शिफ्ट करने को कहा गया है। जल्द ही रुका हुआ काम पूरा किया जाएगा।- कुलदीप सिंह, परियोजना प्रबंधक, यूयूएसडीए

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