नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हल्द्वानी की लामाचोड़ श्रमिक संविदा सहकारी समिति लिमिटेड सहित कई अन्य सहकारी समितियों के चुनाव न कराए जाने के खिलाफ दायर विशेष अपील पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ
.
खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि जब सहकारी समितियों का चुनाव कार्यक्रम चुनाव समिति ने घोषित कर दिया था, तो इन समितियों को चुनाव न कराने से किस आधार पर बाहर रखा गया है। कोर्ट ने सरकार को दो दिन के भीतर इस पर अपनी आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मामले के अनुसार, हल्द्वानी की लामाचोड़ संविदा सहकारी समिति लिमिटेड, कोसियां कुटोली कृषि उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति, वैभव रसायन एवं विपणन सहकारी समिति, ग्राम विकास श्रम निर्माण सहकारी समिति, गौला सहकारी समिति और नैनीताल रेशम सहकारी समिति लिमिटेड ने विशेष अपील दायर की है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में सभी सहकारी समितियों के चुनाव 10 मार्च 2026 को कराने की घोषणा हो चुकी है, लेकिन उनके यहां चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।
याचिका में यह भी कहा गया कि जब चुनाव ट्रिब्यूनल ने चुनाव कराने की घोषणा कर दी थी, तो अब रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव किस आधार पर उनके यहां चुनाव न कराने के लिए नोटिस भेज रहा है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि वे सभी कोऑपरेटिव सोसाइटी कार्यालय में रजिस्टर्ड हैं और सभी मानकों को पूरा करते आए हैं।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यदि उन्हें बाहर करना ही था, तो चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले ऐसा किया जाना चाहिए था। चुनाव कराने की घोषणा होने के बाद रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव द्वारा चुनाव न कराने का नोटिस नियमों के विरुद्ध है। इसलिए इस आदेश पर रोक लगाई जाए।

