कुमाऊं में बेतहाशा गति से दौड़ रही गाड़ियां
कुमाऊं मंडल में चालक मानकों से अधिक गति से वाहन चला रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। पुलिस ने पिछले साल में 15,462 वाहनों के ओवरस्पीडिंग चालान किए हैं। इसके अलावा, 3976 वाहनों को ओवरलोडिंग और 1389 चालकों को नशे में पकड़ा गया। सड़क हादसों में 430 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

संतोष जोशी हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में सड़कों पर मानकों से काफी ज्यादा रफ्तार से चालक वाहनों को दौड़ा रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है। एक साल में पंद्रह हजार से अधिक लोगों को पुलिस ने ओवरस्पीड में दंडित किया है।पुलिस विभाग से आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक कुमाऊं की सड़कों पर वाहन चालक निर्धारित गति सीमा को दरकिनार कर 90 से 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बीते एक साल में ओवरस्पीडिंग में 15,462 वाहनों के ऑनलाइन चालान किए हैं। इंटरसेप्टर के जरिए भी हाईवे पर निगरानी हो रही है।
आबादी के हिसाब से सबसे बड़े जिलों नैनीताल और यूएस नगर में 14 हजार वाहन चालकों पर लाखों रुपये जुर्माना लगाया है।ओवरलोडिंग भी जमकर हो रहीकुमाऊं के छह जिलों में बीते एक साल में 3976 वाहन ओवरलोडिंग में पकड़े गए। यूएस नगर में ओवरलोडिंग के 8837 और नैनीताल जिले में 5527 मामले सामने आए।नशे में वाहन चला रहे चालकवाहन चालक यात्रियों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। आरटीआई के मुताबिक बीते एक वर्ष में 1389 वाहन चालकों को नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा। 561 वाहन चालकों को नैनीताल पुलिस ने दंडित किया।सड़क हादसों में 430 से अधिक की मौतकुमाऊं में पिछले एक साल में सड़क हादसों में 430 से अधिक लोगों की मौत हुई। हादसों की वजह ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग, नशे में वाहन का दौड़ाना, ब्रेक फेल, वाहनों की टक्कर आदि रहे। पहाड़ के जिलों के मुकाबले मैदान में अधिक हादसे हुए।हादसों को रोकने के लिए पुलिस कप्तानों को विशेष निर्देश समय-समय पर दिए जाते हैं। डंक एंड ड्राइव, ओवरस्पीड और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चल रहा है।रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं


