उत्तराखंड में जंगलों की आग बुझाने के लिए अब भारतीय वायुसेना और निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों की मदद ली जाएगी। वन विभाग के प्रमुख ने अधिकारियों के साथ बैठक में आग बुझाने के लिए स्टाफ की तैनाती और संसाधनों की व्यवस्था पर चर्चा की। आग की स्थिति की समीक्षा करते हुए, उन्होंने सेना और एयरफोर्स से सहयोग की जानकारी दी।
मोहन भट्ट हल्द्वानी। उत्तराखंड में जंगलों की आग बुझाने के कार्य में अब भारतीय वायुसेना (एयर फोर्स) और निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों की मदद ली जाएगी। सोमवार को वन विभाग के प्रमुख (हॉफ) रंजन कुमार मिश्र ने वन प्रशिक्षण संस्थान (एफटीआई) में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें जंगल की आग बुझाने के लिए पर्याप्त स्टाफ की तैनाती, संसाधनों की व्यवस्था और रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।हॉफ रंजन कुमार मिश्र ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आग बुझाने के लिए आवश्यक स्टाफ की तुरंत नियुक्ति की जाए और सभी तैयारियां पूर्ण रखी जाएं। हाथी कॉरिडोर, वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों की सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
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अधिकारियों ने वर्तमान में विभिन्न वन प्रभागों में लग रही आग की स्थिति की समीक्षा की। मीडिया से बात करते हुए हॉफ ने बताया कि जंगल की आग पर काबू पाने के लिए निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों से पैक्ट किया हुआ है। उन्होंने बताया कि सेना व एयरफोर्स से भी इस मामले में तारतम्य बनाया हुआ है। उन्होंने कहा कि फोर्स की मदद से दुर्गम इलाकों में भी तेजी से आग पर काबू पाया जा सकेगा।इसके बाद उन्होंने वन अनुसंधान केन्द्र में हो रहे कामों का जायजा लिया और उनकी सराहना की। इस दौरान सीसीएफ कुमाऊं डॉ. तेजस्विनी पाटिल, एफटीआई डायरेक्टर संजीव चतुर्वेदी, वन संरक्षक नीतिश मणि त्रिपाठी, डीएफओ हिमांशु बागरी, कुंदन कुमार, यूसी तिवारी, आकाश गंगवार, ध्रुव मर्तोलिया, प्रकाश आर्य आदि मौजूद रहे।
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