अल्मोड़ा। नगर के पातालदेवी पंप हाउस को जोड़ने वाली बिजली लाइन में टू-फेसिंग होने से पंप छह घंटे ठप रहे। इस कारण नगर के कई मोहल्लों को पानी नहीं मिला। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल संकट गहराने लगा है।
नगर के पातालदेवी पंप हाउस को जोड़ने वाली बिजली लाइन में बीते रविवार की रात एक बजे टू-फेसिंग हो गई। इससे पातालदेवी में पंपों का संचालन ठप हो गया। पंप नहीं चलने से हीराडुंगरी और नरसिंहबाड़ी जलाशयों में जलापूर्ति नहीं हो सकी। इस कारण इन जलाशयों से जुड़े ढूंगाधारा, पोखरखाली, हीराडुंगरी, नरसिंहबाड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित रही। लोग सुबह निर्धारित समय पर पानी आने का इंतजार करते रहे। कई लोगों ने स्टोर किए गए पानी से काम चलाया तो कुछ लोगों का स्टोर किया गया पानी भी खत्म हो गया जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। इधर, कई मोहल्लों में पानी का प्रेशर स्लो होने से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल संकट गहराने लगा है। 7:10 बजे बाद पंप चलने से पंपिंग शुरू हुई।
पानी के लिए धारे में लग रही भीड़
नलों में पानी नहीं आने पर नौले लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। नगर के सिमकनी के पास धारे में पानी के लिए दिन और रात में लोगों की भीड़ लग रही है। इस कारण यहां भी लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि सुबह और शाम के समय धारे पर अधिक भीड़ रहती है। इसलिए कई लोग रात को भी धारे में पानी लेने पहुंच रहे हैं।
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पातालदेवी पंप हाउस को जोड़ने वाली बिजली लाइन में टू-फेसिंग होने से बीते देर रात एक बजे से सात बजे तक पंपों का संचालन ठप रहा। इससे जलाशयों को जलापूर्ति विलंब से हुई। -अर्जुन सिंह नेगी, जेई जल संस्थान अल्मोड़ा
लोग बोले
सुबह निर्धारित समय पर पानी नहीं आया। इससे परेशानी झेलनी पड़ी। आए दिन इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं। गर्मी को देखते हुए पेयजल वितरण व्यवस्था दुरस्त रखी जाए। -मनोज सिंह, ढूंगाधारा
जल संस्थान बिल तो पूरा लेता है लेकिन पानी समय पर नहीं मिलता है। कभी बिजली कटौती तो कभी अन्य समस्याओं के नाम पर जलापूर्ति ठप हो जाती है। -विमला देवी, हीराडुंगरी
ये होती है टू-फेसिंग
बिजली लाइनों में टू-फेसिंग एक गंभीर तकनीकी खराबी है जो अक्सर न्यूट्रल तार के टूटने या ढीला होने के कारण होती है। इस स्थिति में हाई वोल्टेज होने से उपकरण जल जाते हैं।

