रुद्रपुर। सितारगंज से पकड़े गए अंतरराज्यीय असलहा तस्कर मामले के अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर हुई पूछताछ में कई राज सामने आए है। इसके बाद से हल्द्वानी, यूएस नगर से लेकर यूपी के कई गन हाउस के संचालक और लाइसेंस धारक पुलिस की रडार पर हैं।
आठ अप्रैल की देर रात एसओजी और सितारगंज पुलिस ने चोरगलिया-नैनीताल के जंगल से सितारगंज निवासी हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से पांच असलहे और 300 से अधिक कारतूस मिले थे। इसमें हरेंद्र उर्फ हनी का अल बदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर से कनेक्शन सामने आया था। बीते दिनों पुलिस और दिल्ली स्पेशल सेल ने 24 घंटे की रिमांड पर लेकर दोनों आरोपियों से पूछताछ की थी जिसमें कई अहम राज खुले हैं।
तस्करी का कनेक्शन सिर्फ जिले तक सीमित नहीं
हथियारों की तस्करी का कनेक्शन सिर्फ जिले तक सीमित नहीं है। इसके तार यूपी से लेकर हल्द्वानी तक जुड़े हुए हैं। चार से अधिक लाइसेंस धारकों के लाइसेंस से अभियुक्त हल्द्वानी के गन हाउस से कारतूस खरीदते थे। यह धारक सितारगंज के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं यूपी के बरेली का एक गन हाउस का नाम सामने आने के बाद यह पुलिस की रडार पर हैं जिनपर जल्द कार्रवाई हो सकती है।

