Updated: Wed, 25 Feb 2026 11:57 AM (IST)
हल्द्वानी रिंग रोड परियोजना पर होली के बाद काम शुरू होगा। डिजाइन और डीपीआर तैयार करने के लिए 17 मार्च को टेंडर खोला जाएगा। शासन से 26.35 लाख रुपये पहल …और पढ़ें

17 मार्च को खुलेगा टेंडर, शासन से मिले थे 26.35 लाख। प्रतीकात्म्क

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। नौ साल पुराने रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर होली के बाद कवायद शुरू हो जाएगी। डिजाइन व डीपीआर तैयार करने को लेकर लोनिवि ने टेंडर प्रक्रिया आमंत्रित कर दी है। जिसे 17 मार्च को खोला जाएगा। शासन से पहले ही इस काम के लिए 26.35 लाख रुपये जारी हो गए थे। लोगों के विरोध की वजह से रिंग रोड को आबादी से जंगल की तरफ मोड़ा गया है।
विरोध में उतर आए स्थानीय ग्रामीण
लामाचौड़ से गन्ना सेंटर को कनेक्ट करने के लिए नए बाइपास के तौर पर रिंग रोड प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। पुराने सर्वे में तय किया गया था कि आबादी क्षेत्र से सड़क निकाली जाएगी। लेकिन सितंबर 2024 में स्थानीय ग्रामीण विरोध में उतर आए। उनका कहना था कि किसी भी हाल में पुस्तैनी जमीन नहीं देंगे। इसके बाद राजस्व रिकार्ड की मदद से खर्चे का आंकलन किया गया।
पता चला कि 19 हेक्टेयर जमीन के साथ ही 105 भवनों का मुआवजा भी देना होगा। मुआवजे के तौर पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। वहीं, निजी जमीन पर दोबारा सर्वे को लेकर फिर विरोध के स्वर उठने लग गए। जिस वजह से प्रोजेक्ट को जंगल की तरफ मोड़ दिया गया। नए प्रस्ताव के तहत भाखड़ पुल से फायर लाइन के बगल से जंगल सीमा के अंदर ही अंदर रिंग रोड को रामपुर रोड पर बेलबाबा के पास निकाला जाएगा।
18 किमी लंबी सड़क के निर्माण के लिए 56 हेक्टेयर वनभूमि के हस्तांतरण के साथ पेड़ों का कटान भी करना पड़ेगा। लेकिन फाइनल रिपोर्ट तैयार होने पर वनभूमि के दायरे और पेड़ों की संख्या में बदलाव हो सकता है। इसलिए शासन ने निजी कंपनी से डिजाइन और डीपीआर बनवाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए फरवरी में 26 लाख का बजट भी जारी हो गया था।

