आठ साल से खत्म थी मान्यता, फिर भी चल रहे थे दो निजी स्कूल, हल्द्वानी शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा एक्शन
हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में बिना मान्यता चल रहे दो निजी स्कूलों का बड़ा खुलासा हुआ है। जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था, जबकि स्कूलों की मान्यता आठ साल पहले खत्म हो चुकी थी। शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्कूल बंद कर दिए और संचालकों पर जुर्माना लगाया।

फर्जी स्कूलों पर एक्शन (सोर्स: डाइनामाइट न्यूज़)
Nainital: हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तंग गलियों और घनी बस्तियों के बीच एक जर्जर और टूटे-फूटे भवन में वर्षों से दो निजी स्कूल संचालित किए जा रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि इन स्कूलों की मान्यता कई साल पहले खत्म हो चुकी थी, लेकिन फिर भी यहां सौ से ज्यादा बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। शिकायत मिलने पर जब शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो भवन की हालत देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। दीवारों में बड़ी दरारें, कमजोर छत और असुरक्षित माहौल ने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
शिकायत के बाद खुला बड़ा मामला
यह मामला तब सामने आया जब स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग को शिकायत मिली कि बनभूलपुरा के आज़ादनगर इलाके में बिना अनुमति के स्कूल चलाए जा रहे हैं। शिकायत के बाद विभागीय टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि एक पुराने और जर्जर भवन में दो निजी विद्यालय लंबे समय से संचालित हो रहे थे।
आठ साल पहले खत्म हो चुकी थी मान्यता
जांच में पता चला कि जिन स्कूलों में पढ़ाई कराई जा रही थी, उनकी मान्यता करीब आठ साल पहले समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद संचालकों ने नियमों को दरकिनार कर स्कूलों का संचालन जारी रखा। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, न्यू एरा प्राथमिक विद्यालय और शाइनिंग स्टार पब्लिक अशासकीय प्राथमिक विद्यालय नाम से दो संस्थान एक ही भवन में चल रहे थे।
बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
जांच टीम ने पाया कि भवन पूरी तरह जर्जर हालत में था। छत और दीवारों में कई जगह दरारें थीं। संकरी गलियों के बीच बने इस भवन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे माहौल में बच्चों को पढ़ाना गंभीर लापरवाही माना गया है।
तत्काल बंद करने के आदेश
शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों स्कूलों के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना मान्यता किसी भी शैक्षणिक संस्थान को चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। विभाग ने संचालकों को नोटिस जारी करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित
विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। अधिकारियों के मुताबिक, न्यू एरा प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को आसपास के मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। वहीं शाइनिंग स्टार स्कूल के विद्यार्थियों को उसके मुख्य विद्यालय में स्थानांतरित किया जाएगा।
एक-एक लाख का जुर्माना
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दोनों स्कूलों पर बिना मान्यता संचालन, बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी और दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप में एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग का कहना है कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि यदि जांच में और अनियमितताएं सामने आती हैं तो संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन अब ऐसे अन्य संस्थानों की भी जांच करने की तैयारी में है। जिसके बिना अनुमति चल रहे स्कूलों पर रोक लगाई जा सके।

