भदयूनी गांव में गुस्सा: शव नहीं उठेगा, आदमखोर को मारो!…
भदयूनी क्षेत्र में बाघ के हमले से ग्रामीणों का सब्र टूट गया है। 22 दिनों में तीन मौतों के बाद, ग्रामीणों ने सड़क पर प्रदर्शन किया और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के नेता नीरज तिवारी ने विभाग की नाकामी पर सवाल उठाए और आदमखोर बाघ को मारने की मांग की।

– वन विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण वरिष्ठ संवाददाता, हल्द्वानी। भदयूनी क्षेत्र में बाघ के खूनी हमले ने अब ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। 22 दिनों के भीतर तीन मौतों और पिछले 48 घंटों में दो ग्रामीणों को निगलने वाले आदमखोर के खिलाफ पूरा इलाका सड़कों पर उतर आया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक कमल का शव सड़क पर रख दिया और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।- 22 दिन में तीन लाशें… और कितना खून चाहिए?प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नीरज तिवारी ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल दागे। उन्होंने दो टूक कहा, 22 दिन में तीन मौतें हो चुकी हैं, आज तो बाघ घर के भीतर से इंसान को उठाकर ले गया है।
यह विभाग की चरम नाकामी है। जब तक आदमखोर बाघ को देखते ही मारने के आदेश नहीं मिलते, तब तक कमल का शव सड़क से नहीं उठेगा।- वन विभाग के खिलाफ भारी नारेबाजीग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल गश्त और पिंजरे का नाटक कर रहा है, जबकि बाघ खुलेआम शिकार कर रहा है। गुस्साए लोगों ने विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों के आश्वासन को सिरे से नकार दिया। भदयूनी से लेकर हल्द्वानी तक इस घटना को लेकर तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों की एक ही मांग है, हमें मुआवजा नहीं, आदमखोर से आजादी चाहिये।फोटो:: 33,36


