नैनीताल जिले में ‘आदमखोर’ जानवर का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि प्रशासन को बच्चों की जान बचाने के लिए स्कूलों पर ताले लटकाने पड़े हैं। हल्द्वानी से सटे कई वन प्रभागों और भीमताल ब्लॉक में दहशत का माहौल है। जिले के डीएम ने सुरक्षा के मद्देनजर 100 से ज्याद
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इन इलाकों में बंद रहेंगे स्कूल 2 महीने में 8 मौतें दहशत में जी रहे ग्रामीण
डीएम के आदेश के मुताबिक नैनीताल जिले के ज्योलिकोट,भुजियाघाट,रानीबाग, बेल बसानीइन,क्षेत्रों के सभी सरकारी, प्राइवेट स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 25 अप्रैल से 27 अप्रैल तक पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए हैं।गौरतलब है की बीते दो महीनों के भीतर आदमखोर बाघ ने हल्द्वानी के ग्रामीण इलाकों से लेकर भीमताल और ओखलकांडा तक 8 लोगों को अपना निवाला बना लिया है। आलम यह है कि जंगलों के किनारे बसे गांवों में सूरज ढलने से पहले ही सन्नाटा पसर जाता है। लोग सुबह भी देर से घरों के बाहर निकल रहे हैं। डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने बताया की आदमखोर ने अब तक कई लोगों को शिकार बनाया है। स्कूली बच्चों और आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है इसी खतरे को देखते हुए एहतियातन तीन दिनों तक स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ पर ‘कर्फ्यू’ जैसा माहौल
जोलीकोर्ट के पास तीन दिनों के भीतर एक महिला और एक युवक को बाघ द्वारा निवाला बनाए जाने के बाद से लोगों में दहशत का माहौल है।वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं, लेकिन आदमखोर अभी भी पकड़ से बाहर है। जब तक आदमखोर बाघ पकड़ा नहीं जाता तब तक इन इलाकों में जनजीवन सामान्य होना मुश्किल लग रहा है। फिलहाल लोग घरों में कैद हैं और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

