महिला आरक्षण लागू हो, मेरी सीट आरक्षित हुई तो चुनाव नहीं लड़ूंगा : गोदियाल
हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने महिला आरक्षण पर बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए सरकार से 33 फीसदी आरक्षण तत्काल लागू कर

बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने महिला आरक्षण पर बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए सरकार से 33 फीसदी आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने अपनी परंपरागत श्रीनगर सीट के महिला आरक्षित होने की स्थिति में स्वयं या परिवार की किसी भी अन्य महिला सदस्य को चुनाव नहीं लड़ाने की बात कही है।सोमवार को स्वराज आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता में गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य की 70 विधानसभा सीटों के हिसाब से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण वर्तमान स्थिति में ही लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार महिला आरक्षण पर विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजे, ताकि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में इसे लागू किया जा सके।उन्होंने
यहां तक कहा कि यदि उनकी विधानसभा सीट (श्रीनगर) महिला आरक्षित होती है तो वह स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनके परिवार की कोई महिला सदस्य भी चुनावी मैदान में नहीं उतरेगी। इसे उन्होंने ‘व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर पार्टी और महिला सशक्तिकरण’ का निर्णय बताया। गोदियाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और जनगणना के नाम पर टालना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संबोधन जैसे मंचों का उपयोग केवल देशहित के मुद्दों के लिए होना चाहिए, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के लिए। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने गंभीर चिंता जताई और आरोप लगाया कि प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। बाघ के आतंक, महिला सुरक्षा, ग्रामीण समस्याओं और किसानों की स्थिति को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। गोदियाल ने चेतावनी दी कि प्रदेश में बढ़ता असंतोष आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनेगा। इस मौके पर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, महानगर अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।


