सपा और बसपा में फिर होगा गठबंधन? अखिलेश बोले- हमारे रिश्ते मजबूत हो रहे हैं
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बसपा और सपा के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं. ‘पीडीए होली मिलन’ कार्यक्रम में 15,000 से अधिक लोगों ने सपा की सदस्यता ली, जिनमें नसीरुद्दीन सिद्दीकी और राजकुमार पाल शामिल हैं. अखिलेश ने सामाजिक एकता को प्रगतिशील राजनीति की नींव बताया और विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया. उन्होंने शंकराचार्य विवाद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर परोक्ष निशाना भी साधा.
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अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे रिश्ते और मजबूत होते जाएंगे. Photo ITG
अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और आगे और गहरे होंगे. यह बयान उन्होंने उस कार्यक्रम में दिया, जहां 15,000 से अधिक लोग अलग-अलग दलों से आकर सपा में शामिल हुए. होली से पहले आयोजित ‘पीडीए’ (प्रेम प्रसार समारोह) को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम लोगों के बीच भाईचारे और सहयोग को मजबूत करेगा. उन्होंने कहा, ‘शांति और प्रगति की नींव पीडीए पर टिकी है. सामाजिक एकता सकारात्मक और प्रगतिशील राजनीति की सबसे बड़ी उपलब्धि है, इसलिए हमने इसका नाम पीडीए रखा है.’ उन्होंने बताया कि इस साल पारंपरिक होली मिलन से पहले ‘पीडीए होली मिलन’ आयोजित किया जा रहा है.
कई पूर्व नेता सपा में शामिल
सपा में शामिल होने वालों में पूर्व मंत्री नसीरुद्दीन सिद्दीकी और अपना दल (सोनेलाल) के पूर्व विधायक राजकुमार पाल भी शामिल हैं. सिद्दीकी कभी बसपा के वरिष्ठ नेता माने जाते थे और मायावती के करीबी सहयोगी रहे हैं. वह उनकी सरकार में चार बार मंत्री रह चुके हैं. साल 2017 में उन्हें बसपा से निष्कासित कर दिया गया था.
विपक्षी एकता पर क्या बोले अखिलेश?
अखिलेश यादव ने कहा कि यह शामिल होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पीडीए की संभावनाएं और मजबूत होंगी. उन्होंने कहा कि कभी B.R. Ambedkar और राम मनोहर लोहिया ने मिलकर राजनीति को नई दिशा देने की कोशिश की थी, लेकिन परिस्थितियों और राजनीतिक माहौल ने उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया. उन्होंने कहा, ‘गठबंधन बने और बाद में टूट भी गए, लेकिन हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में हम मिलकर उस संघर्ष को मजबूत करेंगे.’
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2019 में बना था बसपा-सपा गठबंधन
गौरतलब है कि बसपा और सपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में गठबंधन किया था, लेकिन चुनाव के बाद यह गठबंधन टूट गया.
मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर परोक्ष हमला करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि एक पूज्य शंकराचार्य का अपमान किया गया है. उन्होंने बिना नाम लिए कहा, ‘हम शंकराचार्य जी के साथ हैं.’ साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि परंपराओं पर सवाल उठाने और दूसरों से ‘सर्टिफिकेट’ लेने की कोशिश की जा रही है. हाल ही में विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माघ मेला के दौरान जिला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच हुए विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी थी. उन्होंने कहा था कि हर कोई शंकराचार्य की उपाधि का उपयोग नहीं कर सकता और धार्मिक मर्यादा तथा कानून का पालन जरूरी है.
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