…तो बेटियों के लापता होने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं

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…तो बेटियों के लापता होने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं

हल्द्वानी में लापता बेटियों और बहुओं की तलाश जारी है। हाल ही में 35 लापता बहुओं की खोज की जा रही है। पिछले वर्ष 115 लापता में से 80 को पुलिस ने खोज लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के लापता होने के पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना पर चिंता जताई है।

...तो बेटियों के लापता होने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं

हल्द्वानी। लगातार लापता हो रही बेटियां और बहुएं कई सवाल छोड़कर जा रही हैं। बच्चों के गायब होने पर बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी भी की थी कि इनके लापता होने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्ट तो नहीं। अब कुमाऊं की पुलिस और तेजी से लापता बहू-बेटियों की तलाश में जुट गया है। हाल ही में गायब हुई 35 की तलाश अभी जारी है। पिछले साल 2025 में लापता 115 बहू-बेटियों में से पुलिस ने दिसंबर तक 80 को खोजकर उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया था। मां-बाप की डांट फटकार, मानसिक रुप से बीमार, भटककर ये लोग लापता हो गए थे।

लेकिन पुलिस की सक्रियता से 80 को बरामद कर लिया। अब केवल 35 की तलाश जारी है। देश के आठ से दस राज्यों में दबिश देने के बाद इनका सुराग लगा। ये की थी सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के लापता होने के गंभीर मामले में टिप्पणी करते हुए कहा था कि कहां और क्यों लापता हो रहे बच्चे, इसका पता लगाएं। यह भी कहा था कि लापता के पीछे किसी देशव्यापी नेटवर्क का हाथ तो नहीं, इसका भी सुराग लगाने के राज्यों को निर्देश दिए थे। नेपाल सीमा होने से मानव तस्करी का रहता है खतरा कुमाऊं के तीन जिले चम्पावत, पिथौरागढ़ और यूएस नगर नेपाल से लगे हैं। जिस कारण बच्चों के लापता होने के पीछे मानव तस्करी के हाथ होने की आशंका अधिक रहती है। कई बच्चियां पूर्व में नेपाल से भी बरामद की गई हैं।

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