खिलौने में मां को तलाशता मासूम बंदर… पीछे की कहानी ने लोगों को रुला दिया!

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कहते हैं मां से बच्चे अलग नहीं होते. फिर चाहे वो कितने ही बड़े हो जाएं और कितने ही दूर. बच्चा उम्र के हर पड़ाव में वहीं मां को तलाशता रहता है. मां की गोद की याद उसको अभी भी रहती है. और ऐसा सिर्फ इंसानों के साथ नहीं होता, ये बेजुबां के साथ भी होता है. सोशल मीडिया पर ऐसी ही एक कहानी वायरल हो रही है. यह एक बेबी मंकी की कहानी है.

बॉलीवुड फिल्म का एक फेमस डायलॉग है-मेरे पास मां है. यानी दुनिया की सारी दौलत एक तरफ और मां का होना इन सब पर भारी है. लेकिन जापान के इस वायरल बंदर ने मां से दूरी बना ली है. जापान के इचिकावा सिटी जू  में 26 जुलाई 2025 को जन्मा एक नन्हा बंदर दुनिया भर की संवेदनाओं का केंद्र बन गया. जन्म लेते ही उसकी मां ने उसे अपने से दूर कर दिया, और तभी से उसकी जिंदगी का सफर अकेलेपन से शुरू हुआ. जू के कर्मचारियों ने उसे संभाला, खिलाया, पिलाया और प्यार से उसका नाम रखा-पंच.

मां के प्यार को तरसते इस बंदर की कहानी वायरल

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पंच बड़ा हुआ तो उसने अपनी मां और बाकी बंदरों के पास जाने की कोशिश की, लेकिन हर बार वे उसे दूर खदेड़ देते. घबरा कर वह भागता और फिर वापस अपने खिलौने के पास जाकर चिपक जाता. वही खिलौना उसे सुरक्षा देता, वही उसे सुकून देता. जू ने पंच के ऐसे कई वीडियो साझा किए, जहां वह अकेले बैठकर अपने सॉफ्ट टॉय को गले लगा रहा होता, उससे खेल रहा होता. ये वीडियो देखते ही मां के प्यार को तरसते इस बंदर की कहानी वायरल हो रही है.

देखें  ये पोस्ट

लोग पंच में अपना अकेलापन, अपना बचपन, अपनी जरूरतें देखने लगे. कोई कहता कि काश मैं इसे अपना पाता, तो कोई इसे अडॉप्ट करने की बात करने लगा. सोशल मीडिया पंच की तस्वीरों और वीडियो से भर गया.

लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकती. जू के निरंतर प्रयासों के बाद अब पंच धीरे-धीरे बाकी बंदरों के साथ घुलने-मिलने लगा है. दूसरे बंदर भी अब उसे अपनाने लगे हैं. वे उसके साथ खेलते हैं, उसे अपने झुंड में शामिल कर रहे हैं. पंच अब अकेला नहीं है.

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