‘भारत का कुछ नहीं बिगड़ेगा…’, ट्रंप के 15% टैरिफ बम पर एक्सपर्ट ने समझाया गणित

Date:

डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ (Trump Tariff) पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से मिली करारी हार के बाद एक बार फिर से टैरिफ बम फोड़ने का सिलसिला शुरू कर दिया है. बीते शुक्रवार को US Supreme Court ने Trump Reciprocal Tariff को गैरकानूनी बताते हुए रद्द किया, तो अगले ही पल ट्रंप ने दुनिया के सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ का बम फोड़ दिया. 

यही नहीं इसके अगले ही दिन इसे बढ़ाकर 15% भी कर दिया. ऐसे में अमेरिका के इस कदम से भारत पर असर को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जिसे लेकर फाइनेंशियल एक्सपर्ट ने आंकड़ों के साथ तस्वीर साफ की है और कहा है कि इससे भारत को कई नुकसान नहीं होगा. 

भारत को नुकसान की संभावना नहीं
हेलियोस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोरा ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Global Tariff 15% तक बढ़ाने के फैसले पर जताई जा रही चिंताओं को शांत करने का प्रयास किया. उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि ट्रंप के इस इस कदम से भारत को कोई खास नुकसान होने की संभावना नहीं है. अरोरा के मुताबिक, भारत के संदर्भ में 15% US Tariff में कुछ भी गलत नहीं है और इससे शायद ही देश की स्थिति में कोई बदलाव आएगा.

सम्बंधित ख़बरें

अरोरा ने तर्क दिया कि पेमेंट सिस्टम भिन्नता से शक्ति प्राप्त करता है. दुनिया के 90 से अधिक देशों में 10% शुल्क था और मुझे लगता है कि अब वे सभी 15% पर आ जाएंगे. इनमें से कुछ देश ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, यूएई हैं. अगर सभी देशों में 15% या 10% टैरिफ लागू हो जाएं, तो इससे फर्क क्या पड़ेगा, ये अमेरिका के लिए एक आंतरिक कर का मुद्दा ज्यादा है. उन्होंने समझाते हुए कहा कि अगर प्रतिस्पर्धियों को समान टैरिफ रेट का सामना करना पड़ता है, तो भारत को सापेक्षिक लाभ का नुकसान नहीं होता.

फंड मैनेजर हेलियोस कैपिटल के फाउंडर ने यह भी बताया कि पहले की 10% दर भी वैधानिक सीमा से कम थी, क्योंकि अधिकतम अनुमत दर 15% है और यह उपाय फिलहाल 150 दिनों तक सीमित है. इसे आगे बढ़ाया जाना स्पष्ट नहीं है और इसके लिए ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी लेने की जरूरत होगी. 

भारत को लेकर क्या स्थिति? 
समीर अरोरा ने तर्क दिया कि भले ही भारत के लिए टैरिफ हाई लेवल पर वापस आ जाएं, फिर भी परिणाम बाजारों द्वारा पहले से अनुमानित स्थिति से बहुत अधिक अलग नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत 18% पर समझौते से खुश होता और फिलहाल भी यह 15% है. भले आखिर में अन्य वर्गों के कारण भारत के लिए यह 18% पर भी वापस आ जाए, यह वही स्थिति होगी जो इस हालिया घटनाक्रम के बिना होती.

—- समाप्त —-

Live TV

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related