तमिलनाडु की सियासत में शशिकला की री-एंट्री, झंडा लॉन्च कर नई पार्टी बनाने का किया ऐलान

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इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु की सियासत में हलचल देखी जा रही है. एआईएडीएमके से निष्कासित नेता और दिवंगत पार्टी सुप्रीमो जे. जयललिता की करीबी वीके शशिकला ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की. उनके मैदान में उतरने से राज्य में चार-कोणीय मुकाबले की संभावना बढ़ गई है.

मंगलवार को शशिकला ने प्रस्तावित पार्टी का झंडा भी जारी किया, जिसमें द्रविड़ नेता अन्नादुरई, एआईएडीएमके संस्थापक एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) और जयलललिता की तस्वीरें हैं. झंडा ऊपर काला, बीच में सफेद और नीचे लाल रंग का क्षैतिज तिरंगा है.

कमुथी में जयललिता की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं जल्द ही नई पार्टी के नाम की घोषणा करूंगी, इसमें कोई बदलाव नहीं है. यह पार्टी विरोधियों और विश्वासघातियों दोनों को हराने वाली होगी. हम एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं.”

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पार्टी का झंडा किया जारी

उन्होंने कहा, “जहां तक मेरा सवाल है, मैंने स्पष्ट निर्णय ले लिया है. यह तमिलनाडु, उसके लोगों और हमारे कार्यकर्ताओं के हित में है. हम एक नए राजनीतिक मंच की शुरुआत करेंगे. यह एक द्रविड़ पार्टी होगी.” उन्होंने कहा कि यह पार्टी आम आदमी, साधारण और गरीब लोगों के लिए होगी और द्रविड़ नेता सी.एन. अन्नादुरई, एमजीआर और ‘अम्मा’ जयललिता के मार्ग पर चलेगी.

यह भी पढ़ें: ‘तमिलनाडु में फिर से लाऊंगी अम्मा जयललिता का राज…’ शशिकला ने किया राजनीति में लौटने का ऐलान

दिसंबर 2016 में जयललिता के निधन के बाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए शशिकला ने एआईएडीएमके प्रमुख ए. के. पलानीस्वामी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया, उसी ने उन्हें “कागज के टुकड़े की तरह” पार्टी से बाहर कर दिया. उन्होंने कहा, “मैं अपना गुस्सा जाहिर नहीं करती, यह मैंने थलाइवर (एमजीआर) से सीखा है.”

मुझे निशाना बनाया गया- शशिकला

पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम के बारे में उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के बाद ‘धर्म युद्ध’ छेड़ने के उनके फैसले ने अंततः उन्हें ही नुकसान पहुंचाया. 2016 में जयललिता के 72 दिन के अस्पताल में भर्ती रहने पर शशिकला ने कहा, “मैंने उन्हें घर लाने के लिए शुभ समय भी तय कर लिया था, लेकिन अचानक उन्हें दिल का दौरा जैसा दौरा पड़ा.” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए विरोधियों ने उन पर जयललिता की हत्या का झूठा आरोप लगाया.

शशिकला ने कहा कि वह बेंगलुरु जेल में रहीं और एआईएडीएमके के तत्कालीन मंत्रियों, जिनमें केए सेंगोट्टैयन (अब टीवीके में) शामिल हैं, की सलाह के बावजूद तमिलनाडु जेल में ट्रांसफर नहीं कराया. 2017 से 2021 के बीच वह आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद बेंगलुरु में कैद रहीं.

जयललिता की मौत से जुड़े विवादों पर शशिकला ने कहा कि विरोधियों ने राजनीतिक लाभ के लिए यह अफवाह फैलाई कि उन्होंने ‘अम्मा’ को मारा है. उन्होंने भावुक होते हुए पूछा, “क्या कोई इस पर विश्वास करेगा?” उन्होंने बताया कि कैसे जेल में रहने के दौरान तमिलनाडु सरकार ने उन्हें परेशान किया और पोएस गार्डन (जयललिता का निवास) में रहने तक की अनुमति नहीं दी.
 

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