हल्द्वानी: टांडा जंगल में हाथी से टकराई बाइक, फेरी लगाने वाले दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत

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Haldwani News: टांडा जंगल में हाथी से टकराई बाइक, फेरी लगाने वाले दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत

Haldwani News in Hindi: हल्द्वानी के टांडा जंगल में दर्दनाक हादसा: हाथी से टकराई मोपेड, शाहजहांपुर निवासी दो सगे भाइयों शकील और जाफर की मौत. हाथी कॉरिडोर में अचानक सामने आए गजराज से टकराकर हुआ हादसा.

By : दानिश खान | Edited By: निमिषा श्रीवास्तव | Updated at : 01 Mar 2026 05:12 PM (IST)

हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी-रुद्रपुर मार्ग पर स्थित टांडा जंगल में शनिवार शाम एक हृदयविदारक हादसा सामने आया. हाथी कॉरिडोर से गुजरते समय दो सगे भाइयों की मोपेड अचानक सामने आए हाथी से टकरा गई. इस भीषण दुर्घटना में एक भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) के कटरा निवासी 26 वर्षीय शकील और 28 वर्षीय जाफर वर्तमान में हल्द्वानी के बनभूलपुरा (गफूर बस्ती) में रह रहे थे. दोनों भाई शनिवार (28 फरवरी) शाम काम के सिलसिले में हल्द्वानी से रुद्रपुर की ओर जा रहे थे. जैसे ही वे बेलबाबा क्षेत्र से आगे टांडा रोड स्थित हाथी कॉरिडोर में पहुंचे, अंधेरे के बीच अचानक एक विशालकाय हाथी उनके सामने आ गया. अचानक हुए इस घटनाक्रम से चालक शकील नियंत्रण खो बैठा और मोपेड सीधे हाथी से टकराकर सड़क पर गिर गई.

एक की मौके पर मौत, दूसरे ने रास्ते में तोड़ा दम

हादसे के दौरान शकील का सिर सड़क से टकराने के कारण उसे गंभीर चोट आई और उसकी मौके पर ही जान चली गई. पीछे बैठे जाफर को भी गंभीर हालत में राहगीरों की मदद से पुलिस ने सुशीला तिवारी अस्पताल पहुँचाया. वहां चिकित्सकों ने शकील को मृत घोषित कर दिया और जाफर की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया. दुर्भाग्यवश, बरेली ले जाते समय रास्ते में जाफर ने भी दम तोड़ दिया.

फेरी लगाकर पाल रहे थे परिवार, क्षेत्र में शोक

परिजनों ने बताया कि दोनों भाई हल्द्वानी में रहकर आर्टिफिशियल ज्वेलरी और कपड़ों की फेरी लगाकर अपना गुजारा करते थे. रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों को उनके पैतृक निवास शाहजहांपुर ले जाने की तैयारी की जा रही है. इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है.

हाथी कॉरिडोर में पहले भी हो चुके हैं हादसे

टांडा जंगल का यह हिस्सा वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों की आवाजाही के लिए जाना जाता है. स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस कॉरिडोर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और चेतावनी संकेतों के साथ-साथ रात के समय प्रकाश की उचित व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.

Published at : 01 Mar 2026 05:12 PM (IST)

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