भारतीय हाथियों ने नेपाली नागरिकों की बस्तियां उजाड़ीं
हल्द्वानी के कंचनपुर जिले में भारतीय हाथियों ने स्थानीय बस्तियों में उत्पात मचाया है। लोग रातभर जागकर हाथियों को भगाने के प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भारतीय अधिकारियों से मिलकर हाथियों को रोकने की योजना बनाने की मांग की है। हाथियों का कॉरिडोर बस्तियों के बीच से गुजरता है, जिससे नुकसान हो रहा है।

हल्द्वानी। भारत से नेपाल की ओर से गए हाथी तारबाड़ तोड़कर वहां की बस्तियों में उत्पात मचा रहे हैं। इससे परेशान स्थानीय लोगों ने नेपाल प्रशासन से भारतीय अफसरों संग मिलकर हाथियों को रोकनी की योजना बनाने की मांग की है। उत्तराखंड के बनबसा से लगे नेपाल के कंचनपुर जिले में आए दिन हाथियों का उत्पात मच रहा है। कॉर्बेट से होकर नेपाल और फिर यूपी तक जाने वाले हाथी नेपाल के आबादी क्षेत्र में घुसकर नुकसान कर रहे हैं। मरघटिया कैंप की देवकी राणा और उनके पति दंसिंग राणा के मुताबिक हाथियों ने रविवार रात दो से तीन झोपड़ियों को निशाना बनाया और तोड़फोड़ की।
स्थानीय माधव जोशी ने बताया कि गेहूं की फसल के साथ झोपड़ी में रखे राशन को भी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बनबसा से शुक्लाफांटा राष्ट्रीय उद्यान होकर हाथियों के बस्तियों में घुसने की जानकारी दी। रातभर बजा रहे टिन, फोड़ रहे पटाखे कंचनपुर निवासी मीडियाकर्मी रमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि स्थानीय नेपाली नागरिक भारतीय कॉरिडोर से आ रहे हाथियों से परेशान हैं। उनसे बचने को रातभर जाग रहे हैं। टॉर्च जलाकर, टिन बजाकर और पटाखे फोड़कर हाथियों को आबादी में आने से रोक रहे हैं। हाथियों के झुंड करते हैं लंबी यात्रा भारत के राजाजी, कॉर्बेट, नंधौर से होकर नेपाल के ब्रह्मदेव, मुसेटी, कंचनपुर से यूपी के लखीमपुर खीरी तक हाथियों का कॉरिडोर है। जिसमें हाथियों के झुंड लंबी यात्रा करते हैं। कई जगहों पर कॉरिडोर में बस्तियों के बस जाने के कारण हाथी अपना रास्ता बदल रहे हैं। कोट: हाथी अपने कॉरिडोर से होकर दोनों देशों में आवाजाही करते हैं। बनबसा से कंचनपुर होते हुए आते जाते हैं। रास्ते में कई बार बस्तियों में नुकसान भी पहुंचाते हैं। उनके कॉरिडोर को सुरक्षित करने के लिए वन विभाग सख्त कदम उठा रहा है। संचिता वर्मा, एसडीओ, खटीमा वन रेंज।

