इजरायल के राष्ट्रपति को ‘शर्म’ आनी चाहिए… अचानक क्यों भड़क गए US राष्ट्रपति ट्रंप?

Date:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग पर तीखा हमला बोला है. हाल ही में उन्होंने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद वह मीडिया से बातचीत कर रहे थे जब उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को माफी (पार्डन) न देने के लिए “शर्म आनी चाहिए.”

प्रधानमंत्री नेतन्याहू इस समय कथित धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और भरोसा तोड़ने से जुड़े मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं. गुरुवार को दिए बयान में ट्रंप ने कहा कि वे जून 2025 से ही नेतन्याहू को माफी देने की मांग करते रहे हैं, लेकिन इस बार पहली बार उन्होंने सीधे हर्जोग की आलोचना की. यह टिप्पणी उस मुलाकात के एक दिन बाद आई जब ट्रंप ने व्हाइट हाउस में नेतन्याहू से मुलाकात की. इसके बाद अटकलें लगाई जाने लगीं कि इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई होगी.

यह भी पढ़ें: ईरान प्रोटेस्ट में मरने वालों की संख्या 7000 के पार, उधर ट्रंप-नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात

सम्बंधित ख़बरें

पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले के लिए नेतन्याहू जिम्मेदार हैं, जिसमें हमास ने हमला किया था, तो उन्होंने जवाब दिया कि “मुझे लगता है हर कोई किसी न किसी हद तक जिम्मेदार होता है,” लेकिन उन्होंने इसे अचानक हुआ हमला बताते हुए कहा कि “ऐसा हमला था जिसे पहले से कोई भी भांप नहीं सकता था.”

“राष्ट्रपति हर्जोग को शर्म आनी चाहिए”, बोले ट्रंप

ट्रंप ने नेतन्याहू की तारीफ करते हुए उन्हें “युद्ध के समय अच्छा प्रधानमंत्री” बताया और कहा कि दोनों देशों ने मिलकर ईरान के खिलाफ कई सफल कदम उठाए. इसके बाद उन्होंने इजरायली राष्ट्रपति हर्जोग पर निशाना साधते हुए कहा, “राष्ट्रपति के पास सबसे बड़ी ताकत माफी देने की होती है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे. उन्हें इस पर शर्म महसूस करनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा कि “इजरायल के लोगों को भी इस पर उन्हें शर्मिंदा करना चाहिए.”

इजरायली राष्ट्रपति का बयान!

हालांकि राष्ट्रपति हर्जोग के कार्यालय ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि ट्रंप का दावा सही नहीं है. बयान में कहा गया कि माफी देने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, क्योंकि मामला न्याय मंत्रालय की समीक्षा में है और कानूनी राय आने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा.

यह भी पढ़ें: तीन घंटे चली ट्रंप-नेतन्याहू की मीटिंग… नहीं निकला कोई नतीजा, जानें ईरान पर दोनों में क्या बात हुई

राष्ट्रपति कार्यालय ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के योगदान की सराहना की जाती है, लेकिन इजरायल एक संप्रभु देश है जो कानून के अनुसार चलता है. साथ ही यह भी संकेत दिया कि बाहरी दबाव निर्णय को प्रभावित नहीं करेगा.

इससे पहले दिसंबर की मुलाकात के दौरान ट्रंप ने दावा किया था कि राष्ट्रपति हर्जोग ने उनसे कहा था कि माफी “रास्ते में है”, लेकिन आधिकारिक तौर पर इस पर अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है.

—- समाप्त —-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related