हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा कांड के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर सुनवाई की।
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा कांड के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने उन्हें आज भी कोई राहत नहीं दी और अगली सुनवाई के लिए 25 मार्च 2026 की तारीख तय की है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा और
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अब्दुल मलिक पर राजकीय भूमि को खुर्द-बुर्द करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है। बनभूलपुरा दंगे के समय मलिक सहित अन्य के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें से एक मामला यह भी था कि मलिक ने कूटरचित और झूठे शपथपत्रों के आधार पर राजकीय भूमि हड़पी। उन पर नजूल भूमि पर कब्जा कर प्लॉटिंग करने, अवैध निर्माण करने और उसे बेचने का भी आरोप है।
राज्य सरकार ने अब्दुल मलिक की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि बनभूलपुरा कांड की शुरुआत यहीं से हुई थी। जब प्रशासन इस अवैध अतिक्रमण को हटाने गया, तो उन पर पथराव किया गया, जिसके बाद यह घटना दंगे में बदल गई। इस दंगे में सरकारी कर्मचारी, पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए, और कई लोगों की जान भी चली गई। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि दंगे से संबंधित मामलों में मलिक को जमानत नहीं मिली है, इसलिए उनकी जमानत याचिका खारिज की जानी चाहिए।
आरोपियों का कहना है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है और एफआईआर में उनका नाम नहीं है। उनका दावा है कि पुलिस ने उन्हें जबरन इस मामले में शामिल किया है, इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि दंगे में शामिल दर्जनों अन्य लोगों को पहले ही कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

